
नई दिल्ली. देश के बैंकिंग सेक्टर के इतिहास में सबसे बड़े फ्रॉड में आरोपी नीरव मोदी ने पीएनबी मैनेजमेंट को लेटर लिखा। नीरव ने लेटर में कहा, "मामले को उजागर कर पीएनबी ने रिकवरी के सारे रास्ते बंद कर लिए।" इस लेटर में नीरव मोदी ने ये भी दावा किया है कि जितनी रिकवरी बैंक ने पब्लिक में बताई है, उतनी है नहीं। नीरव ने लिखा है कि उनकी कंपनियों पर 5000 करोड़ से कम की देनदारी है। नीरव ने बैंक पर बकाया रकम को काफी बढ़ा-चढ़ा कर बताने का आरोप भी लगाया। 15-16 फरवरी को लिखी गई इस चिट्ठी में नीरव ने अपने अकाउंट्स में पड़ी रकम से 2200 कर्मचारियों को तनख्वाह देने की इजाजत भी मांगी है। बता दें कि 11356 करोड़ के इस बैंक फ्रॉड में नीरव समेत उनके रिश्तेदार और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी भी आरोपी हैं। इन लोगों पर पीएनबी के अधिकारियों की मिलिभगत से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में हजारों करोड़ों की रकम ट्रांसफर करने का आरोप है।
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