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Saturday, 7 April 2018

कुछ फिल्में बेहतर ऐक्ट्रेस बना देती है:ऋचा चड्ढा

★बॉलिवुड फ़िल्म ‘फुकरे’, ‘मसान’ और ‘सरबजीत’जैसी कही फिल्मो में अपनी बेहतरीन अदाकारी दिखानेवाली अभिनेत्री ऋचा चड्ढा अभिनय के साथ फ़िल्म डायरेक्शन में भी हाथ अजमान रही है उनकी पहली शार्ट फ़िल्म ‘लॉजिक’ को काफी अच्छी सराहना मिली।और वह इन दिनों अपनी आगामी फ़िल्म ‘दाश देव’ और ‘अभी तो पार्टी शुरू हुए है’ फ़िल्म को लेकर काफी चर्चे में है और अभी फ़िल्म के शूटिंग में काफी व्यस्त है जिनके चलते ऋचा ने अपनी फ़िल्म और किरदार के बारे में बातचीत की:-

 

 

●​आपकी शार्ट फ़िल्म ‘लॉजिक’काफी चर्चे में रही पहली बार बतौर डिरेक्टर काम किया कैसा महसूस कर रही है?

-अच्छा लग रहा है मैंने पिछले महीने ही बनाए थी।और थोड़ी चर्चा में आए है तो मे उसे बहुत जल्द कंप्लीट कर के लोगो के सामने लाना चाहुगी।बस यह है की मै व्यस्त थी फ़िल्म के शूटिंग में और दास देव के प्रमोशन में इसी लिए उनको इतना टाइम नही दे पायी जितना में चाहती थी वर्ना में उसे भी जल्द लोगो के सामने लेकर आती।

 

●दर्शको की चाहिती अभिनेत्री पहले से रही है फिर भी अभिनय से शार्ट फ़िल्म के जरिए  डायरेक्शन में कैसे आना हुआ?

-मुझे लगता है की ऐज आर्टिस्ट अपने को इसक्लोर  करते रहना चाहिए।मैं नही करुँगी तो में बोर हो जाउगी आप भी बोर हो जाएंगे।मुझे लगता है हम सबको ज्यादा महेनत करनी चाहिए।और में खुद के ग्रोथ के लिए क्या करू यह भी बहुत जरूरी है इसी लिए मैंने सोचा की मुझे शार्ट फ़िल्म बनानी चाहिए। और डिरेक्टर कुछ नया सीखने को मिले और मुझे अच्छा लगता है कूद को अलग-अलग तरीके से इसक्लोज़ करना।

 

●आपका ‘दाश देव’में क्या किरदार है ?

-दाश देव में मेरा बेहतरीन किरदार है पारो हू में फ़िल्म की लीड हू।कहानी देव और पारो की है जैसे आप जानते हो। मुझे बहुत ख़ुशी है की सुधीर मिश्रा के साथ काम करने का मौका मिला।और वह बहुत सक्सेस डिरेक्टर है मुझे लगता है की आजकल क्या होता है की फ़िल्म बनके निकल जाती है ऐसे डिरेक्टर काफी कम है जो दो लोको के बिच में इंगो कोम्प्लेसिटिव तरह की चीजें दिखाए। तो मुझे बहुत मजा आया फ़िल्म करने में और फ़िल्म में आज की पारो दिखाया है ऐसी नही है की मतलब उनको कुछ हो गया और रोती रहेगी या हाथ में दिया जलाएगी और भागेगी।वैसी नही है उसको लगेगा की मेरे साथ गलत हो रहा है तो अपनी आवाज उठाएगी।

●अभीतक की अपनी फिल्मो मे से ‘दाश देव’में क्या नए बात लगी?

-सबसे नए चीज जो है वह देव दाश तो है ही।उनको एडिशनल का प्रॉब्लम है चंद्रमुखी प्रॉस्टिट्यूट वह किरदार सेम है इसमें जो नए बात है अगर लोजिक्ली देखा जाए तो वह पारो का किरदार ही नए बात है।पारो के साथ गलत होता है तो वह चुप नही बैठती है आगे बढ़ती है और वो जैसे पहले आपने देखा होगा की हवेली का दरवाजा बंद हो रहा है।बंद दरवाजे के पीछे वो गिर जाती है और इसमें हवेली का दरवाजा बंद होता है तो खोलके निकल जाती है।मुझे इसमें इंटरेस्टिंग लगा की जो एक लड़की है वो अपने आपको को कितना ऑक्टोग्रेसिंग बनाए।और कैसे वो जो चाहती है वो करे।

 

●सुधीर मिश्रा के साथ पहली फ़िल्म है?

-जी मेरी उनके साथ यह पहली फ़िल्म है उनके साथ काम कर के काफी अच्छा लगा।कुछ फिल्म ऐसी होती है जो आपको बेहतर ऐक्ट्रेस बना देती है।तो मुझे लगता है की सुधीर मिश्रा के साथ यह हुआ है ऐज ऐक्ट्रेस मुझे लगा इप्रू कर रही हू अपने आपको उनके साथ काम करने के बाद।

 

●आपकी दो और फ़िल्म आ रही है ‘अभी तो पार्टी शरू हुए है’ इसके अलावा ‘सेक्सन 375’ दर्शको के लिए क्या सरप्राईज होगा?

-दर्शको के लिए ‘अभी तो पार्टी शरू हुए है’फ़िल्म ही सरप्राईज रहेगी।मै उसके बारे में ज्यादा बता नही सकती में उसमे कॉमेडी कर रही हू।सुपर स्क्रिप्ट है और बढ़िया कास्ट है और दूसरी जो फ़िल्म है ‘सेक्शन 375’उसमे भी एक अलग एंगल है और मुझे लगता है अलग-अलग काम करना चाहिए।ऐक्ट्रेस को भी अपने आपको इसक्लोर करते रहना चाहिए।

●हर साल नए जोनर की फ़िल्म करना पसंद करती है?

-बिल्कुल में इस साल भी नए जोनर की फ़िल्म कर रही हू।मजा आ रहा है बीकॉज ‘अभी तो पार्टी शरू हुए है’कुछ दिनों से शूट कर रहे है लखनऊ में और कितनी इंजॉयबल है यह फ़िल्म और ज्यादा से ज्यादा इतना कहूँगी की हर साल नए जोनर की फ़िल्म करते रहना चाहिए।कही बार एक ऐक्ट्रेस को देखते है तो बोलते है अरे ये तो हर फ़िल्म में सेम कर रही है कही बार तो नाम भी सेम होता है।और नए चीजे करेगे तभी तो ग्रो होगा।

 

दिनेश जाला

 

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