सुल्तानपुर—- पद हो, प्रतिष्ठा हो जनपद में सम्मान हो यह कौन नही चाहता इसी सम्मान को पाने के लिये जनपद के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है जी हाँ हम आप को आज बतायेगे कि जनपद विकास नही , खुद के विकास के लिये जनपद का प्रथम नागरिक बनने के लिए राजनीति के खिलाड़ी किस हद तक जा सकते है हम आप को बताते है कि जिला पंचायत अध्यछ पद के लिए लगभग दो वर्ष पहले चुनाव हुआ था समाजवादी पार्टी की सरकार थी ऊषा सिंह को सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया तो धनपतगंज केबलॉक प्रमुख रहे यश भद्र सिंह उर्फ मोनू ने अध्यछ पद के लिये नामांकन किया दोनों प्रत्यशियों ने जीत की हुंकार भरी मतदान हुआ तो मोनू सिंह को हार का सामना करना पड़ा सरकार सपा की थी तो मुख्यमंत्री ने शासना देष लागू कर दिया कि दो साल से पहले ब्लॉक प्रमुख व पंचायत अध्यछ का अविश्वास प्रस्ताव नही आएगा समय आया तो अविश्वाश प्रस्ताव को लेकर जिला पंचायत सदस्य यश भद्र सिंह उर्फ मोनू ने अट्ठाइस सदस्यों के शपथ पत्र के साथ बीते 24 तारीख को जिलाधिकारी संगीता सिंह के ऑफिस पहुंच गए शपथ पत्र का हवाला देते हुए मोनू सिंह ने जिलाधिकारी से अविश्वास प्रस्ताव मंजूर करने की मांग की जिलाधिकारी ने जांचोप्रातन्त कार्यवाही की बात कही इसी बीच जिला पंचायत सदस्यों को अपने खेमे में लाने के लिए दोनों पछ ओ ने एड़ी चोटी लगा दिया किसी ने जिला पंचायत सदस्य के अपहरण का मुकदमा पंजीकृत कराया तो किसी ने एक दूसरे के ऊपर धमकाने की तहरीरथाने में दे डाली मामला अभी चलही रहा था कि अध्यछ पद की कुर्सी के लिये राजनीतिक गलियारों में एक नया मोड़ ले लिया मामला यह हुआ कि जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव के लिये दिए गए शपथ पत्र के दो हप्ते बाद 6 जिला पंचायत सदस्यों ने जिला प्रशासन के समछ पेश होकर अपना बयान बदल दिया बयान बदलने के बाद जहा एक खेमे में उत्साह दिख रहा था वही दूसरे खेमे में अफरातफरी का माहौल रहा बहरहाल 6तरीख जिला पंचायत सदस्यों के बयान के बाद जैसे ही यश भद्र सिंह उर्फ मोनू को पता चला वैसे ही अपने लावलश्कर के साथ पहले जिला पंचायत सदस्य मोनू सिंह मुख्य विकास अधिकारी के कार्यलय पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी से मिलने के बाद शाम 5 बजे जिलाधिकारी संगीता सिंह से मुलाकात किया मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला पंचायत सदस्य अजय जयसवाल ने कहा कि पंचायत अधिनियम के तहत 15 दिनों में अविश्वाश प्रस्ताव पारित हो जाना चाहिए था श्री जायसवाल ने आगे यह भी कहा कि एक बार शपथ पत्र देने के बाद दूसरी बार शपथ पत्र व बयान देने का कोई प्रावधान नही है बहरहाल जिलाधिकारी ने 7 तारीख शनिवार को आदेश पारित करने को कहा है ।
वही जब इस मामले पर पंचायत अध्यछ पति शिव कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 6 जिला पंचायत सदस्यों ने उच्च अधिकारियों के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया जिलाधिकारी का निर्णय आने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा ।


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