आरोग्य केंद्रों के लिए रु 1200 करोड़ और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य मिशन योजना के लिए रु 2000 करोड़ का वित्तीय आवंटन हुआ- अश्विनी कुमार चौबे
नई दिल्ली। आयुष्मान भारत,हेल्थ केयर शिखर सम्मेलन में आज केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आमलोगों के स्वास्थ्य के लिए कृतसंकल्प है और इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में आरोग्य केन्द्रों के लिए रु 1200 करोड़ और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य मिशन के लिए रु 2000 करोड़ का आवंटन किया गया है जिससे प्रतिवर्ष लगभग 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।
होटल ताज डिप्लोमेटिक एन्क्लेव, नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री चौबे उपस्थित थे। मुख्य सहभागियों में डॉ. विनोद पाल, सदस्य नीति आयोग, भारत सरकार, सम्मानित श्री जेरेमी इंग्लैंड, अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास समिति के भारत-भूटान-नेपाल और मालदीव के क्षेत्रीय प्रमुख,श्री स्वदीप श्रीवास्तव, मैनेजिंग पार्टनर एवं चीफ बिलीफ आफिसर, इंडिया वर्चुअल हास्पिटल, अनेक चिकित्सक, चिकित्सा सेवा से जुडे उद्यमीगण आदि उपस्थित थे।
श्री चौबे ने अपने सम्बोधन में कहा कि मैंने आयुष्मान भारत शिखर सम्मेलन को आयोजित करने का बीडा उठाया। मैं समझता हूँ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी विशिष्ट महानुभाव जो इस सम्मेलन में विचार-विमर्श करेंगे उससे आयुष्मान भारत के कार्यान्वयन में बहुत सहायता मिलेगी, मार्गदर्शन मिलेगा। आयुष्मान भारत का कार्यान्वयन हर दृष्टि से महत्वपूर्ण है । हमारा विश्वास है कि स्वस्थ भारत से ही समृद्ध भारत की संरचना संभव है।
यह बडे दुख का विषय है कि आजादी के 70 साल बाद भी हमारी 80% जनसंख्या को कोई स्वास्थ्य सुरक्षा कवच नहीं है । यदि ईश्वर न करें, यदि इस वर्ग के लोग बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पडे तो ऐसे गरीब और आर्थिक रूप से वंचित लोगों को अपनी आमदनी का आधी से भी ज्यादा आय ईलाज पर खर्च करनी पड़ती है । फलस्वरूप हमने देखा है कि गरीब, वंचित और यहां तक कि निम्न मध्यम वर्ग के लोगों की कमर टूट जाती है । अनुमान है कि इस भारी भरकम चिकित्सा खर्चे के कारण हर वर्ष हमारे देश में 6 करोड़ लोग गरीबी के कुचक्र में फंस जाते है ।
यद्यपि भारत सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कई कार्यक्रम चला रही है जैसे- जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष, संचारी एवं गैर संचारी रोगों आदि के नियंत्रण के लिए । साथ ही संचारी रोग जैसे- ट्यूबरक्लोसिस, डेंगू, इनफ्लूएंजा, मलेरिया इत्यादि बिमारियों के निराकरण के लिए भी सरकार कई कार्यक्रम चला रही है ।
मुझे स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष निजी अनुभव है । बिहार में स्वास्थ्य मंत्री के नाते हमने कई कार्यक्रम चलाए थे । मैंने कई अभियान चलाए थे जैसे- बेटी बचाओ, तंबाकू और कैंसर पर कैसे रोक लगे, हर घर में शौचालय हो और उस दौरान बिहार में मैंने कुंभ मेलों का आयोजन किया था जिनका प्रयोजन था – आपका चिकित्सक आपके द्वार। मैं समझता हूं आज मेरा परम सौभाग्य है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट में आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्घोष किया है ।
आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दो घटक है-
1. देश में स्थित 1.5 लाख प्राइमरी हेल्थ केंद्रों को अपग्रेड करके उन्हें आरोग्य केंद्रों में तब्दील करना ताकि सारी प्राथमिक नैदानिक परीक्षण और चिकित्सा इन केंद्रों में लोगों को निःशुल्क मिल सके; और
2. समाज के वंचित और आर्थिक रूप से पिछड़े लोग प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत द्वितीयक एवं तृतीयक केंद्रों में स्वास्थ्य चिकित्सा निःशुल्क ले सकें ।
भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट मे आरोग्य केंद्रो के लिए 1200 करोड़ और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य संरक्षण योजना के लिए 2000 करोड़ का वित्तीय आवंटन किया है । परंतु जैसा कि हमारे वित्त मंत्री ने संसद में कहा है कि इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन में कोई भी वित्तीय अवरोध नहीं आएगा और जरूरत पडने पर सरकार समुचित वित्तीय व्यवस्था करेगी ।
इस योजना के तहत किसी परिवार में कितने सदस्य होंगे उसकी कोई सीमा नहीं है । सरकार ने वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर इस स्कीम के लाभार्थियों की पात्रता का निर्धारण किया है । इस स्कीम के कार्यान्वयन से प्रतिवर्ष 10.74 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे । यदि औसतन यह माने की 1 परिवार में 5 सदस्य होंगे तो हर वर्ष 50 करोड़ से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित होंगे ।
इस योजना के कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी का निर्माण कर लिया है और सारे राज्यों से अपेक्षा है कि वे शीघ्र है राज्य स्तर पर भी ऐसी समिति का गठन करेंगे ताकि यथाशीघ्र इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ सम्बन्धित लोगों को मिल सके ।
मुझे आपके साथ यह साझा करते हुए प्रसन्नता है कि अभी 14 मई को मेरे वरिष्ठ सहयोगी आदरणीय श्री जे.पी. नड्डा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है । अन्य राज्यों से यह समझौते जल्दी ही होने वाले हैं
इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत परिवार के सदस्यों की कोई सीमा नहीं है । हमने राज्य सरकारों को यह भी सलाह दी है कि वे जहां तक संभव हो परिवार का मुखिया बनाने के लिए महिलाओं को प्रधानता दें ताकि लिंगभेद की असमानता खत्म हों सके ।
राज्यों को पूरी स्वतंत्रता होगी कि वे बीमा कंपनियों का चयन कैसे करें। उन्हें स्वतंत्रता होगी कि वे इसमें किसी ट्रस्ट, सोसायटी और बिना लाभ के कंपनी को काम दे सकते है। भारत सरकार पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती है और साथ ही चाहती है कि लाभार्थियों को लालफीताशाही के चंगुल से बाहर रखा जाए।
हमने आंकलन किया है कि इस योजना के कार्यान्वयन में कोई 1300 मेडिकल पैकेज होंगे जिसमें सर्जरी, चिकित्सा, दवाई, नैदानिक परीक्षण और स्वास्थ्य देखरेख शामिल होंगे ।इस सारी स्कीम का कार्यान्वयन पारदर्शी हो, प्रभावी हो और इसका लाभ वंचित लोगों तक पहुंचे इसके लिए हमने उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं । लाभार्थियों की पात्रता के लिए और उन्हें वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रानिक गेट-वे खोल दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री जी के दिशा-निर्देश के अनुसार सूचना तकनीकी, सोशल मीडिया, इंटरनेट इत्यादि अत्याधुनिक तकनीकी का उपयोग हो सके । साथ ही यदि कोई शिकायत मिलती है तो उनकी जांच एवं निराकरण इलेक्ट्रानिक माध्यम से हो सके और सरकारी राजस्व का दुरुपयोग न हो।
कई लोग आयुष्मान भारत को नमो केयर का नाम देते हैं। कई लोग कहते है कि आयुष्मान भारत एक गेमचेंजर स्कीम है। निस्संदेह यह अब दुनियां की सबसे बडी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है और इससे भारत के पिछड़े, वंचित, गरीब और उपेक्षित लोगों को निःशुल्क और प्रभावी स्वास्थ्य सुरक्षा मिल पाएगी।
इस महान राष्ट्रीय स्वास्थ्य चिकित्सा के कार्यक्रम में हमें बीमा कंपनियों का, अस्पतालों का, चिकित्सकों का, नैदानिक केंद्रों का, फार्मा कंपनियों का, कारपोरेट जगत का और मीडिया का सहयोग चाहिए । यह महत्वाकांक्षी स्कीम आप सभी के सहयोग से ही फलीभूत होगी। मुझे आशा है और पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से हम एक स्वस्थ भारत, समावेशी भारत, समृद्ध भारत का निर्माण कर पाने में सक्षम होंगे।


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