
बड़ी बहन ने भी इसी तरह लगाई थी फांसी
हरदोई।15मई हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम मरई में दो सगी बहनों द्वारा फांसी लगाए जाने के मामले में हरियावां थाना इंचार्ज वीरेंद्र सिंह तोमर ने कारणों का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस मृत बहनों के मां बाप को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।मालूम हो कि हरदोई जिले के थाना हरियावां इलाके के गांव मरई में बीते माह दो सगी बहनों के फांसी लगा लेने से संदिग्ध मौत से घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पारखी नजर वाले पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने एसओ हरियावां को जिम्मेदारी सौंपी थी। हत्या और आत्महत्या में उलझी पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और अन्य जरूरी साक्ष्यों से मिलाकर इसे पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट के आधार पर आत्महत्या माना गया, पर पुलिस के सामने एक सवाल मुंह बाए खड़ा था कि आखिर दो युवा सगी बहनों आत्महत्या क्यों करेगी ? यही नहीं इसके पहले बड़ी बहन ने भी इसी तरह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हरियावां एसओ वीरेंद्र सिंह तोमर ने इन्हीं कड़ियों को मिलाते हुए बीडीसी सदस्य द्वारा यह बताए जाने पर कि मृतका के घर उनका बैठना उठना था, एक मोबाइल के पकड़े जाने पर मृतका के मां पार्वती और पिता शिवराम ने बहुत डांटा था और मुंह दिखाने जैसे शब्दों से आहत करके आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया था। हुआ भी यही, सूत्र बताते हैं कि सुबह दोनों सगी बहनों ने फांसी लगाकर दुपट्टे से लटककर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, वही मां और पिता भूसा ढोने के बहाने घर से निकल गए। उक्त हृदयविदारक घटना के पहलुओं पर किसी को भी विश्वास नहीं हो पा रहा था कि आखिर घटना का कारण क्या है ?इसके पहले भी बड़ी बहन ने इसी तरह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी लेकिन उनके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया था। बहर हाल एसओ हरियावां के कुशल कार्य शैली के चलते घटना के कारणों पर विराम लगाकर मृतिका बहनों के मां-बाप को गिरफ्तार कर डॉक्टरी परीक्षण के बाद अन्य प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से यह तो साफ हो गया कि मां बाप द्वारा दिए गए संस्कार और सुरक्षा के नाम पर अधिक प्रताड़ना कितनी भयानक हो जाती है अतः संरक्षक को संस्कार की थाती मानकर आधुनिक परिवेश में बच्चों को परखने ,उन्हें सही सलाह देने और गलत काम के आचरणों को प्यार से समझा कर नियंत्रित करना चाहिए।

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