लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर लखनऊ के हुसैनगंज चैराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर जाकर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।
राज्यपाल ने महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप एवं छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगल साम्राज्य को चुनौती दी। महाराणा प्रताप ने अपनी वीरता और अदम्य साहस से मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए जो कार्य किया वह देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। महाराणा प्रताप में राजसुख की लालसा नहीं थी। अपनी मातृभूमि एवं संस्कृति की रक्षा के लिए उन्होंने जंगलों में रहते हुये अनेक कष्ट सहे परन्तु अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। महाराणा प्रताप का संघर्षमय जीवन, विषम एवं विपरीत परिस्थितियों में भी हार ना मानने की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमें जो स्वराज मिला है उसे सामूहिक योगदान कर सुराज में परिवर्तित करने का कार्य करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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Wednesday, 9 May 2018
महाराणा प्रताप का जीवन देता है हार न मानने की प्रेरणा—राम नाईक
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