लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजकीय वाहन चालक महासंघ ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के निस्तारण के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर तक ज्ञापन प्रेषित कर चुका है। इन मांगों को लेकर 18 जनवरी को राजधानी में शान्ति मार्च भी किया जा चुका है। अपर मुख्य सचिव और महासंघ के प्रतिनिधि मण्डल की वार्ता के उपरान्त जारी कार्यवृत्ति से नाराज चालक महासंघ की बैठक में आन्दोलन कार्यक्रम की मण्डलीय समीक्षा की जा रही है। आज राजकीय वाहन चालक महासंघ के अध्यक्ष रामफेर पाण्डेय की अध्यक्षता दारूलशफा 93 बी बैठक में महासंघ से सम्बंध घटक संघों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों और मण्डलीय मंत्रियो की बैठक में जमकर नाराजगी जाहिर करते हुए सड़क पर उतरने का निर्णय लेते हुए जुलाई के अंतिम सप्ताह में कोर कमेटी की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है। अगस्त माह में काला फीता बाॅध कर विभागों में गेट मीटिंग और वर्क टू रूल कार्यक्रम चलाया जाएगा। महासंघ के सलाहाकर और लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर चक्का जाम आन्दोलन के लिए भी राजकीय वाहन चालक तैयार है।
बैठक का संचालन करते हुए महामंत्री मिठाई लाल एवं आल इण्डिया गवर्नमेन्ट ड्राइवर फेडरेशन के सलाहकार प्रमोद कुमार नेगी ने बताया कि उ.प्र. राजकीय वाहन चालकों को मौलिक नियुक्ति का ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर 2000 रूपये ,उत्तराखण्ड सरकार की भाति राजकीय वाहन चालकों की प्रतिशत व्यवस्था को समाप्त करने, स्टाॅफ कार चालक पदोन्नति स्कीम से अनुपात हटाया जाय।चालकों के रिक्त पदो पर भर्ती की जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। सरकारी गाड़ी का बीमा कराया जाए। सरकारी गाड़ी सफाई का भत्ता चालक को दिया जाए। चालक पद पर भर्ती नियम में संशोधन किया जाए। सरकारी वाहन का दुरूप्रयोग करना बन्द किाय जाय। निजी गाड़ियों को टैक्सी में चलाना बंद किया जाए। चालकों के भत्ते एवं समयोपरि भत्ते की बढ़ोत्तरी के अनुसार किया जाए। इन्टर मीडियट राजकीय वाहन चालकों को लिपिक या अन्य संवर्ग में 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। राजकीय वाहन चालकों से सम्बंधित समस्त शासनादेश निगमों, परिषदों,स्थानीय निकायों, कारपोरेशन व प्राधिकरणों में यथावत लागू किया जाए। निर्वाचन डियुटी के दौरान राजकीय वाहन की मरम्मत हेतु विभागीय मद से देय धनराशि को 1000 की जगह 5000 किया जाए।
बैठक में जयप्रकाश यादव, शकील अहमद, रामविलास यादव, सहजराम, सूरज यादव, शाशिकांत राय, सुशील कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह, आवास विकास से रामकुमार गुप्ता,ओ.पी.तिवारी बाल विकास पुष्टाहार,वीरेन्द्र पाण्डेय विघुत सुरक्षा,संकटा प्रसाद पशु पालन, उपेन्द्र तिवारी वन, हरिप्रसाद वाणिज्यकर, गन्ना से सोहन यादव, जगरूप सचान, सूचना सरवर अली, कैलास सिंह, शेर सिंह भाकूनी,मुरारी लाल जवाहर भवन सहित कृषि, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आवास विकास, नियोजन, मुख्य लेखा परीक्षा, विघुत सुरक्षा, श्रम, पिछड़ा वर्ग कल्याण, ग्राम्य विकास विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सहित लगभग सभी विभागों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों ने भागीदारी दर्ज कराई। इस बैठक को सम्बोधित करते हुए महासंघ के अध्यक्ष रामफेर पाण्डेय ने जनपद अध्यक्षों एवं मंत्रियों को जनपद स्तर पर कार्यरत राजकीय वाहन चालकों से आहवान किया कि वे जनपद मुख्यालय में बैठक कर यह सुश्चित करा ले कि महासंघ मई माह में 11 सूत्रीय मांगों के निस्तारण के मूड में है। अतः राजकीय वाहन चालक इस आन्दोलन के लिए तैयार रहे।
Post Top Ad
Monday, 25 June 2018
राजकीय वाहन चालकों का आन्दोलन तय
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment