बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग के रहमो करम पर थाना पचपेड़वा के क्षेत्र में अनेको नार्सिगहोम एवं झोलाछाप डाक्टरों की भरमार है। पचपेड़वा बाजार स सटे अकेले जूड़ीकुइया चैराहे के इर्द गिर्द की बड़े बड़े बैनर और बोर्ड लगाकर दर्जनों नार्सिगहोम संचालिम हो रहे है। इन नार्सिगहोमों के अन्दर कई तरह के बड़े आपरेषन टूटे हुये हडडियो का प्लास्टर तक कर दिया जाता है परन्तु किसी भी नार्सिहोम चलाने वाले डाक्टर के पास वैध डिग्री नहीं होती है। बड़े बड़े बोर्डो पर डिग्री धारक डाक्टर का नाम तो जरूर लिखा होता है परन्तु उनकी उपस्थिति कभी नहीं होती हां यह डिग्री धारक डाक्टर अपने नाम का उपयोग करने के एव में कुछ रकम महीनें में जरूर ले लेते है। अधिकतर बाहर से देखने में हिट एवं फिट इन नार्सिहोम होमो के अन्दर संचालक की डिग्री अधिकतम बीयूएमएस की होती है। यही मेन डाक्टर होते है और सभी मरीजों का इलाज करते है। इसके अलावा इनके यहां कार्यरत दर्जनों स्टाफ के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं होती है। कुछ महिलाएं अगूठा टेक भी मिल जायेगी तथा तमाम नाबालिक बच्चे भी डिप चढ़ाते इंजेक्षन लगाते प्लास्टर बंधवाते आदि करते देखे जा सकते है। यही नहीं सरकारी अस्पतालों कार्यरत आषा बहुओं को प्रलोभन देकर ब्लैकमेल करते हुये भारत सरकार की महत्वाकाक्षी जननी सुरक्षा योजना को मात देते हुये बड़े पैमाने पर गर्भवती महिलाओं का डिलवरी कराते है तथा अनचाहे गर्भ से छुटकारा भी दिलाने का कार्य करते है। इस कार्य के लिये इनके यहां कोई महिला डाक्टर नहीं होती है। नर्सिहोम का संचालक डाक्टर अपने कुछ अप्रषिक्षित और कम पढ़े लिखे पुरूष स्टाफ के साथ स्वंय करते है। जिसके करण अचानक जच्चा बच्चा सहित महिलाएं की मौत तक हो जाती है परन्तु यह नर्सिहोम संचालक डाक्टर बड़े ही चतुराई से मरीजो को बहला फुसलाकर वसूले गये धन में से कुछ रकम वापस कर मामले का निपटा लेते है। इन नर्सिहोम में दवा इलाज के नाम पर आने वाले तमाम महिलाओं एवं बच्चो को अपनी जान गवानी पड़ी है। इन नर्सिहोमो गुर्दा लीवर हार्निया हायड्रोसील, महिलाओं के बच्चेदानी, पित के पत्थरी जैासे छोटे बड़े तमाम तरह के आपरेषन किये जाते है। जबकि मौके पर एक भी सर्जन उपस्थित नहीं मिलेगा केवल बाहर लगे बोर्ड पर उसका नाम ही अंकित होता है जूडीकुइया चैराहे पर स्थित फातिमा पाली क्लीनिक फातिमा हेल्थकेयर, पापुलर नर्सिहोम, रोषन हास्पिटल, अन्या हेल्थ क्लीनिक एण्ड चाइल्ड केयर सेंटर डा.अफजल क्लीनि, डा.अफजाल क्लीनिक आदि प्रमुख रूप से ऐसे दर्जनों नार्सिहोम संचालित है। जो बिना वैध मेडिकल डिग्री के बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से दवा इलाज करके मोटी कमाई कर रहे है। जिसका कुछ हिस्सा स्वास्थ्य महकमो को भेज दिया जाता है। इस पूरे मामले में सीएमओं डा.घनष्याम का कहना है कि हम इसकी जांच करायेगें जो भी नर्सिहोम अवैध तरीके से संचालित हो रहा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।
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Monday, 25 June 2018
अवैध नार्सिहोमों की भरमार, स्वास्थ्य विभाग लाचार
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