नई दिल्ली। आतंक पर लगाम न लगाने के कारण पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने आतंक की फंडिंग रोक पाने में विफल रहने की वजह से पाक को ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया है। बता दें कि FATF को पाकिस्तान ने 26 सूत्री ऐक्शन प्लान सौंपा था ताकि वह इस कार्रवाई से बच सके। हालांकि, पाकिस्तान एक बार फिर ब्लैक लिस्ट होने से बच गया है जो उसके लिए थोड़ी राहत की बात है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला बुधवार देर रात पैरिस में FATF के प्लेनरी सेशन में लिया गया, जहां पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उसके वित्त मंत्री शमशाद अख्तर कर रहे थे।
FATF पैरिस स्थित अंतर-सरकारी संस्था है। इसका काम गैर-कानून आर्थिक मदद को रोकने के लिए नियम बनाना है। इसका गठन 1989 में किया गया था। FATF की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर देश को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में काफी कठिनाई आती है।
यह घोषणा पाकिस्तान की तरफ से 26 सूत्री ऐक्शन प्लान सौंपे जाने के एक दिन बाद आई है। इस प्लान के तहत पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की जेयूडी सहित अन्य आतंकी संगठनों को मिल रही आर्थिक फंडिंग को रोकने पर मंजूरी जताई थी ताकि उसे ब्लैक लिस्ट न किया जाए। हालांकि, ग्रे लिस्ट में जाने से भी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश पर भी विपरीत असर पड़ता है।


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