कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दीक्षांत समारोह में भाग लेने कानपुर पहुंचने पर राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने उनकी अगुवाई की। यहां से वे सेना के हेलीकाप्टर से ईआईटी पहुंचे। आईआईटी के 51वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने पांच मेधावियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
आईआईटी अॉडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति के सामने 993 छात्र छात्राओं को डिग्री दी गई। इस दौरान राष्ट्रपति ने छात्र छात्राओं को सफल होने के लिए चार मूलमंत्रों के बारे में भी जानकारी दी। आईआईटी के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सफलता केवल डिग्री लेने से पूरी नहीं हो जाती। हमारी सामाजिक जिम्मेदारियां भी हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद अब वे गृहस्थ जीवन के साथ सामाजिक जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने युवा पीढ़ी को सलाह दी कि समाज के प्रति संवेदनशील बने। पैसा, नाम, शोहरत तो मिलेगा ही। सामाजिक जिम्मेदारियां न भूलें, सफलता सही मायने में तभी खरी मानी जाएगी जब वे अच्छा इनसान बनेंगे।
राष्ट्रपति से गोल्ड मेडल देकर सम्मानित होने वालों में सक्ष्म को प्रेसीडेंट मेडल, अनुप्रिया और सिमरत सिंह को डायरेक्टर गोल्ड मेडल, श्रुति अग्रवाल और अरजक भट्टाचार्या को गोल्ड मेडल थी। मेधावियों को सम्मानित करने के बाद राष्ट्रपति ने अपने भाषण में उन्हें सफल होने के लिए चार मूलमंत्रों के बारे में बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि सफलता के साथ ही अच्छा इंसान बनना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए चार मंत्र होने चाहिए। किसी से प्रेरित होना, बढ़ा सोचना, जीवन को अनुशासित करना, अभिमान रहित होना। राष्ट्रपति ने कहा कि जो इन चार मंत्रों को जीवन में उतार ले उसकी सफलता में कोई बाधा पैदा नहीं हो सकती।


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