Published at :23rd June, 2018, 10:49 PM
दुर्घटना के तुरन्त बाद उपलब्ध हो जाती है पुलिस
मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। दुर्घटना मे घायलों और रोगियों को निशुल्क अस्पताल पहुंचाने वाली सरकारी एम्बुलेंस सेवा फिलहाल लोगों के लिए किसी काम की साबित नहीं हो रही है। लोगों का मानना है कि १०८ एम्बुलेंस सेवा से तो बेहतर डायल १०० पुलिस की सेवायें हैं,जो समय रहते घटना स्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल तक तो पहुंचा देती है। सरकारी १०८ एम्बुलेंस सेवा का आलम यह है कि कई कईबार काल करने के बाद भी घंटों एम्बुलेंस नहीं आती है। तबतक डायल १०० पुलिस घायल को अपने बाहन से क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचा देती है।
बीते २० जून को कलान थाना क्षेत्र के ग्राम कटेहरा निवासी बाइक सबार दम्पत्ति (रघुवीर-कमलेश)और इनकी एक माह की बच्ची दुर्घटना मे गंभीर रूप घायल हो गयी थी। किंतु इस दम्पत्ति को सरकारी एम्बुलेंस सेवा नहीं मिल सकी। डायल १०० पुलिस ने इन गंभीर घायलों को सीएचसी पहुंचाया। किंतु सीएचसी मे प्राथमिक उपचार के बाद पूरे तीन घंटे तक बेहोश पड़े रहे दम्पत्ति को एम्बुलेंस सेवा नहीं मिल सकी। अन्तत: घायलों को निजी साधन से जिला अस्पताल जाना पड़ा। अब्बल तो १०८ एम्बुलेंस सेवा घायलों और रोगियों को समय पर मिल नहीं पाती है। यदि मिल भी जाये तो स्टाफ रास्ते मे रोगियों के तीमारदारों से डीजल के नाम पर अबैध बसूली किये जाने की भी शिकायतें आम हैं। इस सम्बंध मे सीएचसी प्रभारी डा० नवीन भारती का कहना है कि कभी कभी मिर्जापुर,कलान,जलालाबाद और अल्हागंज तक की एम्बुलेंस खाली नहीं मिलती है। ऐसे मे रोगियों को जिला अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। रास्ते मे रोगियों के तीमारदारों से डीजल के नाम पर उगाही गंभीर मामला है। जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
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