लाइफस्टाइल में परिवर्तन के कारण लड़कियों के चेहरे में बाल आना नार्मल बात हो गई है। अगर चेहरे पर बाल है तो समाज के लिए शर्म की बात होती है। जिस लड़की के चेहरे पर बाल होते है वह अपने चेहरे को ढककर चलती है। जिससे कि कोई उन्हें देखकर अजीब तरह से रियेक्ट न करें।
कई लड़कियां ऐसी भी होती है जो कि सैलून जाकर अपने पूरे चेहरे की थ्रेडिंग या फिर वैक्स करा लेती है। लेकिन कुछ समय बाद फिर वहीं समस्या निकल आती है। जिससे निजात पाने के लिए न जानें कितनी तरह के उपाय अपनाती है। कई ऐसे लोग भी होते है जो दवाओं के साथ लेजर ट्रिटमेंट कराते है।
दवाओं की बात करें तो काफी हद तक इससे निजात मिल जाता है। वहीं लेजर ट्रिटमेंट कराने पर दोबारा नए बाल नहीं निकलते है। दिल्ली की डर्मेलॉजिस्ट इस बारें में कहती है कि हमारे समाज में लड़कियों के चेहरे में बाल होना शर्म की बात माना जाता है। लेकिन उन्हें यह बात नहीं पता है कि ये बॉयोलॉजिकल साइकिल में गड़बड़ी के कारण होता है।
वो बताती है कि चेहरे में बाल दो वजहों से होते है। पहली वजह आनुवांशिक कारण और दूसरी वजह हॉर्मोन्स में गड़बड़ी के कारण। हॉर्मोंस में संतुलन बिगड़ने कारण चेहरे पर बाल आ जाते है। डॉ के अनुसार, ‘चेहरे पर अधिक बाल होने की स्थिति को ‘हाइपर ट्राइकोसिस’ कहते हैं। अगर आनुवांशिक वजहों के चलते चेहरे पर बाल हैं तो इसे ‘जेनेटिक हाइपर ट्राइकोसिस’ कहते हैं और अगर ये परेशानी हॉर्मोन्स के असंतुलन के चलते है तो इसे ‘हरस्युटिज़्म’ कहते हैं’।
डॉ इस बात को भी मानती हैं कि हार्मोन में गड़बडी का एक सबसे बड़ा कारण पीसीओडी(पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर) हो सकता है। जो कि आज के समय में तेजी से बढ़ रही है। हालांकि हर पीसीओडी मरीज के चेहरे पर बाल हो यह जरुरी नहीं है। पीसीओडी होने का सबसे बड़ा कारण हमारी खराब लाइफस्टाइल होती है। जो कि हमारे खानपान, बॉडी बिल्डिंग के लिए स्टेरॉएड्स का इस्तेमाल, घंटो एक ही अवस्था में बैठे रहना, टेंशन लेना आदि इस बीमारी को बढ़ावा देता है।
दिल्ली स्थित मैक्स हेल्थ केयर के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट में प्रमुख डॉक्टर बताते है कि महिलाओं में भी पुरुषों वाले हार्मोंन कुछ मात्रा में होते हैं। लेकिन जब हार्मोन लेवल बढ़ जाता है तो चेहरे पर बाल आ जाते है। ‘सबसे पहले तो ये समझने की ज़रूरत है कि बाल आने की वजह क्या है? क्या ये जेनेटिक है या हॉर्मोन की वजह से है। इसके अलावा अगर चेहरे पर बाल अचानक से आ गए हैं तो ये कैंसर का भी लक्षण हो सकता है लेकिन इसकी गुंजाइश बहुत कम होती है’।


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