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Saturday, 1 September 2018

सीएम योगी ने उ.प्र. के बेरोजगार नौजवानों का किया घोर अपमान : कांग्रेस

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा है कि सीएम योगी ने उ.प्र. के योग्य एवं शिक्षित किन्तु बेरोजगार नौजवानों का घोर अपमान किया है। उनका यह कहना कि राज्य में नौकरियां तो बहुत हैं परन्तु योग्य उम्मीदवार नहीं हैं, बहुत ही हास्यास्पद और निन्दनीय है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि शायद मुख्यमंत्री को यह जानकारी नहीं है कि यह प्रदेश देश को प्रतिवर्ष सर्वाधिक आई.ए.एस. देता है। देश के 15 प्रतिशत आईएएस उत्तर प्रदेश की धरती से आते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार 4443 आईएएस अधिकारियों में 671 उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। 1972 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के युवाओं ने पांच बार आईएएस की परीक्षा टॉप किया है। लखनऊ का केजीएमयू पूरे भारत में सबसे अच्छी मानी जाती है। यहां के निकले डाक्टर देश एवं विदेश की बड़ी चिकित्सा संस्थाओं में बड़े-बड़े पदों पर हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अब तक सबसे अधिक आईएएस, आईपीएस एवं अन्य सिविल सर्विसेज में बढ़त बनायी हुई है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, आईआईएम लखनऊ, आईआईटी कानपुर, मोतीलाल इंजीनियरिंग कालेज इलाहाबाद, मदन मोहन इंजीनियरिंग कालेज गोरखपुर, पीजीआई लखनऊ जैसी अनेकों संस्थाएं उ.प्र. में हैं जो होनहार छात्रों को प्रतिवर्ष प्रदेश एवं देश की सेवा के लिए तैयार करती हैं और मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यहां पर योग्य युवाओं की कमी है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी अकर्मण्यता को छुपाने के लिए इस तरह के अनाप-शनाप बयान दे रही है। आज ही समाचारपत्रों में 46हजार शिक्षकों की भर्ती करने के बजाय 9 हजार को निकालकर यह दर्शाने का प्रयास किया है कि प्रदेश में लोकतंत्र नहीं नादिरशाही है। जब परीक्षा हो जाती है उसके बाद चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार का बदलाव न्यायोचित नहीं है परन्तु इस सरकार ने ऐसा अन्याय किया है जिसकी वजह से लगभग 9 हजार अभ्यर्थी सरकारी नौकरी पाने से वंचित हो गये।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में लगभग 5 करोड़ युवा बेरोजगार हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री को उन 5 करोड़ युवाओं में योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं इसका सीधा तात्पर्य है कि डेढ़ वर्ष के शासनकाल में यह सरकार ऐसा कोई भी कार्य नहीं कर पायी कि 5 करोड़ युवाओं में से सरकारी नौकरियां में उनकी भर्ती कर सके। मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग मानने की बात तो दूर उल्टे उन्हें चेतावनी दी कि जो कर्मचारी ठीक से कार्य नहीं करेगा तो उसे 50 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त कर दिया जायेगा। जिस प्रदेश में बेरोजगारी ज्वलन्त समस्या हो उसको हल करने के बजाय अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री उसे और बढ़ाने की बात करेंगे तो प्रदेश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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