लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने आज साफ कर दिया है कि महा गठबंधन में बसपा सीटों के लिए ‘भीख‘ नहीं मांगेगी। यदि उनकी पार्टी को ‘सम्मानजनक सीटें‘ नहीं मिली तो पार्टी अकेले अपने बलबूते पर ही चुनाव लड़ेगी। मायावती ने मंगलवार को बी.एस.पी. मूवमेन्ट के जन्मदाता व पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्य तिथि पर दिल्ली स्थित बहुजन प्रेरणा केन्द्र जाकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। वहीं लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल समेत देश भर में बसपा कार्यकर्ताओं ने कांशीराम को पुष्पाजंलि देकर श्रद्धाजंलि अर्पित की।
इस अवसर पर बसपा की ओर से आईपीएन को भेजे अपने बयान में मायावती ने कहा कि बसपा दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ सवर्ण समाज के गरीबों के सम्मान व स्वाभिमान के साथ कभी समझौता नहीं कर सकती, चाहे उसके लिये कांग्रेस व भाजपा सरकारों का कितना ही विद्वेष व प्रताड़ना झेलना पड़े।
उन्हांने कहा कि भाजपा और कांग्रेस पार्टी से इन वर्गों के व्यापक हित व सम्मान की उम्मीद भी नहीं की जा सकी। लेकिन इनका अपमान भी हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसीलिए बसपा ने चुनावी गठबन्धनों के लिये ‘सम्मानजनक सीटें‘ मिलने मात्र की शर्त रखी। उन्होंने कहा कि गठबन्धन में बसपा सीटों के लिए ‘भीख‘ नहीं मांगेगी। ऐसा नहीं होने पर बसपा अकेले अपने बलबूते पर ही चुनाव लड़ती रहेगी।
मायावती ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस बहुजन समाज व अपरकास्ट समाज के ग़रीबों की हितैषी पार्टी नहीं है। अगर वह होती तो इन वर्गों की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक व शैक्षणिक हालत आज इतनी ज्यादा दयनीय नहीं होकर पिछले 70 वर्षों में काफी सुधर गई होती और उन्हें भी सत्ता में समुचित भागीदारी मिली होती।
Post Top Ad
Tuesday, 9 October 2018
महा गठबंधन में बसपा सीटों के लिए ‘भीख‘ नहीं मांगेगी : मायावती
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment