नाला सफाई के बजट को डकार गये अधिकारी, लाखों एकड़ भूमि अभी भी जलग्न
वर्षों बाद हुई अच्छी बरसात ने खोल दी सरकारी भ्रष्टाचार की पोल
मथुरा। किसान बंधु की बैठक में अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। किसानों के सवालों के जबाव देने के बजाय एक दूसरे की ओर ताकने लगे तो किसानों ने सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों को मीटिंग हाॅल में बंद कर दिया और बाहर नारे बाजी करने लगे। किसानों के उग्र होने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मुख्य विकास अधिकारी रामनेवास किसानों को समझाने पहुंचे लेकिन किसानों के सामने उनकी भी एक नहीं चली अखिर में वह भी किसानों की हां में हां मिला कर विभागीय कर्मचारियों पर भड़क उठे। उपाध्यक्ष सिंचाई बंधु सुधीर रावत ने भी किसानों के अंदोलन का समर्थन करते हुए अधिकारियों पर ही भ्रष्टाचार का अरोप लगा दिये।
वाजिब थे किसानों के सवाल
किसानों के सवाल वाजिब थे, किसानों ने पूछा कि नाला सफाई के लिए कितना बजट आया था, पर कोई जबाव देने को तैयार नहीं था। किसी ने कहा बजट आया ही नहीं, तो किसी ने कहा आया था लेकिन वापस चला गया। सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष ने जब कहाकि जो जबाव वह दे रहे हैं लिखत में दें इस पर सभी जिम्मेदार अधिकारी पीछे हट गये इसी के बाद किसान भड़क उठे।
इस बार हुई है औसत से तीन गुना ज्यादा बरसात
मथुरा जनद में इस साल तीन गुना ज्यादा बरसात हुई है। मथुरा जनपद में 5.50 मिमी औसत बरसात मानी जाती है। इसी की तुलना में इस साल 1500 मिमी बरसात हुई, जिससे भ्रष्टाचार की पोल खुल गई।
जनपद में अभी भी जलमग्न है लाखों उपजाउ भूमि
जनपद में लाखों एकड़ भूमि अभी भी जलमग्न है। इसकी वजह हर साल की तरह इस साल भी नालों की सफाई नहीं हो पाना है। साफ किसी साल नहीं होती थी लेकिन इस बार बरसात बहुत ज्यदा हो गई इसलिए मामला बिगड़ गया।
वर्जन
किसानों की बैठक में मौजूद रहना अधिकारी अपनी तौहीन समझते है। भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारी किसानों का सामना नहीं करना चाहते, भ्रष्टाचार की कलई खुल गई है। आंदोलन दोषियों पर कार्यवाही होने तक जारी रहेगा।
-राजकुमार तौमर, जिलाध्यक्ष भाकियू
वर्जन
अधिकारियों का रवैया निराषाजनक है। किसानों को कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं, नाला साफाई के नाम पर बड़ा घोटाला होने का आरोप किसान लगा रहे हैं, किसानों के आरोपों में दम है। जबाव देने के लिए अधिकारियों का सामने नहीं आना भी शक पैदा करता है।
-सुधीर रावत, उपाध्यक्ष सिंचाई बंधु



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