जोनल आईजी एन एच खां ने एसएसपी के नेतृत्व में गठित किया दस सदस्यी एसआईटी , एसएसपी को जल्द काम पर लौटने का फ़रमान
>> एसएसपी के छुट्टी पर रहने के कारण , डीआईजी संभाल रहे कमान
>> मृतक के भाई डा राज कुमार ने दर्ज कराया पुलिस के समक्ष बयान
>> जमीनी विवाद को लेकर परिवार में लंबे समय से चल रहा था आपसी विवाद
>>मृतक की पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का पूर्व से दर्ज करा रखी थी केश
>> हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने डीजीपी से मांगी है पुरी रिपोर्ट
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । राजधानी में दिनदहारे पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह की हत्याकांड की गुत्थी पुरी तरह से सुलझ गयी हैं । हत्या का कारण मृतक अधिवक्ता को अपनी पत्नी ,शाला एवं अन्य से चला आ रहा आपसी विवाद सामने आया हैं । मृतक के भाई डा राज कुमार ने कुल 9 लोगों पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाते हुये पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया हैं । डा राज कुमार ने कहां हैं की मृतक की पत्नी नीतू सिंह से बीते वर्ष 2009 से ही विवाद चला आ रहा था। इसके साथ ही मृतक का शाला पुनसुजित कुमार उर्फ मिथुन ,दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर गलत व्यक्ति के नाम जमीन एग्रीमेंट कर दिया था। मृतक अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह ,विवाद के बाद लंबे अरसे से अपने पत्नी से दूर चल रहें थे। जमीन संबंधित विवाद पूर्व से न्यायालय में चल रहा है जो लंबित हैं । इधर अखबार में नोटिस भी प्रकाशित होने वाला था ,की इससे पहले घटना हो गयी और मेरे अधिवक्ता भाई जितेन्द्र सिंह मारा गया । 



मृतक अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह के भाई डा राज कुमार ने नीतू सिंह (मृतक की पत्नी ),पुनसुजित कुमार उर्फ मिथुन कुमार (मृतक का शाला) ,लक्ष्मी देवी ,कृष्णा सिंह ,राकेश कुमार उर्फ बब्लू, रितेश कुमार उर्फ बिट्टू, रूपेश कुमार ,सुप्रिया देवी एवं मो ताजउद्दीन पर हत्या करवाने का आरोप लगाया हैं । पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुये मृतक अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह की पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है । घटना में अन्य शामिल अपराधियों के गिरफ़्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुटी है ।
आईजी ने गठित किया एसआईटी , दिया निष्पक्ष जाँच का भरोसा
हाईकोर्ट अधिवक्ता की हत्या की घटना को ज़ोनल आईजी नैय्यर रसनैन खां ने गंभीरता से लिया है । पटना के एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में दस सदस्यी एसआईटी गठित किया है । एसएसपी के अलावा सीटी एसपी डी अमरकेश , एएसपी ऑपरेशन अनिल कुमार , तीन डीएसपी और चार इंस्पेक्टर को शामिल किया है । अधिवक्ता के संगठन और प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है की पुलिस टीम अविलंब कार्रवाई के साथ निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को गिरफ़्तार करेंगी । वहीं जिले के सभी एसपी को निर्देश दिया है की अधिवक्ता से जुड़े कोई भी मामले हो तो एसपी स्वयं जाँच करेंगे । एसएसपी छुट्टी पर है इसलिए इस घटना की जाँच और कार्रवाई डीआईजी राजेश कुमार स्वयं कर रहे है । सिक्कों की मानें तो एसएसपी मनु महाराज को जल्द ड्यूटी संभालने का निर्देश दिया गया है ।

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