मानसिक संतुलन खराब होने के बाद परिवार से बिछड़ गई महिला को दो दिनों बाद परिवार ने स्वीकारा | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Wednesday, 5 December 2018

मानसिक संतुलन खराब होने के बाद परिवार से बिछड़ गई महिला को दो दिनों बाद परिवार ने स्वीकारा

करगहर (रोहतास) सिढ़ी ओपी के परिसर में दो दिनों तक एक ड्रामा चलता रहा, जिसमें एक महिला ज्योति देवी अपने ढाई साल के बच्चे का मुख्य किरदार था।महिला यही गुहार लगाती रही कि मुझे नही जाना अब महिला गृह। नहीं तो मैं करूंगी अपने ही परिवार पर प्राथमिकी। पूरा मामला यह है कि सीढ़ी ओपी क्षेत्र के पढ़ौती गांव के बुटन तिवारी के पुत्र भुनेश्वर तिवारी का शादी अगरेर थाना क्षेत्र के रकसिया गांव के ज्योति कुमारी से हुआ था। लगभग चार साल तक दांपत्य सूत्र में बंधने के बाद ज्योति देवी का मानसिक संतुलन खराब होने के बाद परिवार से बिछड़ गई। बिछड़ने के क्रम में पुलिस ने महिला को महिला गृह में पहुंचा दिया। जहां सात माह बाद उनके द्वारा एक बच्चे सनी कुमार का जन्म हुआ। महिला की दिमागी संतुलन ठीक होने के बाद महिला ने अपने घर आने की गुहार लगाई। जिसके बाद महिला को महिला पुलिस के देख-रेख में सीढ़ी ओपी लाया गया, जिसके बाद पुलिस ने महिला को लेकर पढ़ौती गांव में पति भुनेश्वर तिवारी को सौंपने का प्रयास कि। पर परिवार वालो को  इसकी भनक लगते हैं घर छोड़ कर फरार हो गए, वहीं ज्योति के भाई और भौजाई भी पति के नकारने  के बाद वह भी फरार हो गया, जब पुलिस के बाद पास कोई चारा नहीं बचा तो उसने ज्योति के जीजा को रोककर महिला के पति और भाई को समझवाने की कोशिश की। वही ज्योति को परिवार के नकारे जाने के बाद दोबारा महिला गृह जाने से काफी सहमी हुई थी, वह बार-बार रो- रो कर यही कह रही थी कि मैं महिला गृह नहीं जाऊंगी, अन्यथा मैं अपने परिवार वालों पर प्राथमिकी दर्ज करूंगी, स्थानीय समाजसेवीओ ने दोनों परिवार को काफी समझाया बुझाया, जिस पर दोनों पक्ष बुधवार को थाने पहुंचकर आप सी बात विचार की जिसमें यह तय किया गया की महिला को फिलहाल उसके भाई और भौजाई के पास सौंपा जाए, वही 6 महीने बाद उसके पति भुनेश्वर तिवारी को सौंप दिया जाएगा। वही महिला गृह से आई महिला सिपाही ने कागजी प्रक्रिया कर वापस निकल गई ।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad