लखनऊ। दिनांक 6 दिसंबर, स्थान लखनऊ, कार्यक्रम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस। इस अवसर पर जुटी पूरी बसपा की रीड़ यानी वह कार्यकर्ता जो पार्टी के लिए कुछ भी करने को तैयार हों।
आप लोग समझ रहे होंगे ऐसा क्या खास है, ऐसा नहीं कि इसके पहले परिनिर्वाण दिवस न मनाया गया हो। यह तो हर साल होता है। लेकिन इस साल कुछ खास ही था। क्योंकि बसपा समर्थक के अंदर फिर से वही जज्बा वही तेज देखने लायक था।

पार्टी मुख्यालय पर पार्टी सुप्रीमों मायावती ने वरिष्ठ नेताओं के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। एक स्थान पर पूरे टॉप मोस्ट के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते समय बसपा सुप्रीमो का यह जाना कि भाजपा केवल अमीरों और राजघरानों की पार्टी है। इसे गरीब शोषित, दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों से कोई लेना देना नहीं है। बहन जी ने कहा कि बाबा साहब के प्रति भाजपा का मोह एक छलावा है। वास्तव में भाजपा के वोट के लिए बाबा साहब को याद करती है। मायावती ने कहा कि जिस दिन देश का दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक पूरी तरह से जाग जाएगा उस दिन भाजपाइयों सब कुछ छोड़ना ही पड़ेगा।
कार्यक्रम में बहन जी से ज्यादा खुशी तो बसपा के उन कार्यकताओं के चेहरे पर देखी जा सकती थी जो बसपा सरकार के जाने के बाद प्रदेश में हो रही लूटपाट से दुखी जनता का दुखड़ा सुना रहे थे। वह बता रहे थे कि जनता कहने लगी है कि बसपा से अच्छा कानून व्यवस्था कोई नहीं दे सकता, जो इस बात का संकेत है कि फिर बसपा की नींव फिर से मजबूती की ओर है, आने वाला लोकसभा चुनाव इस बात का प्रमाण देगा।

प्रदेश की राजधानी में गोमती के किनारे भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण कर बसपा की लखनऊ यूनिट ने भी ‘इस बार — बसपा सरकार’ का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आर एस कुशवाहा, मंडल कोऑर्डिनेटर अखिलेश अंबेडकर, नौशाद अली, नंदकिशोर, सलाउद्दीन सिद्दीकी, चिंतामणि, इंतजार आब्दी, बाबी आदि ने बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण कर बहन जी की नीतियों मे आस्था जतायी।

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