सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार  | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Friday, 12 April 2019

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार 

एसटीएफ ने जनपद प्रयागराज से दबोचा , फर्जी कार्यालय सील 
लखनऊ। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोस) ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को प्रयागराज से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गये आरोपितों के कब्जे से कूटरचित कागजात,मोहरे व विभिन्न सरकारी विभागों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसटीएफ ने बताया कि गैंग के सरगना को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थी।  इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भारती भवन नया पुरवा स्टैनली रोड थाना शिवकुटी जनपद प्रयागराज में फर्जी कार्यालय संचालित कर नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को लाखों की ठगी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्यालय पर छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये आरोपितों ने अपना नाम व पता हेमन्त बनर्जी जनपद बीरभूमि पश्चिम बंगाल व मदन कुमार निवासी उदापुर थाना जेठवारा जनपद प्रतापगढ़ बताया है। पूछताछ पर पकड़े गये दोनों आरोपितों ने बताया कि गैंग के सरगना  लखनऊ के वशिष्ठ तिवारी हैं। हम लोग  राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद भारत सरकार की अग्रणी संस्था नाम की फर्जी संस्था बनाकर फर्जी एवं अवैध कागजात बनाकर पशुधन अधिकारी, पशुधन निरीक्षक शाखा प्रबन्धक, कार्यालय सहायक, क्लर्क व कम्पयूटर आपरेटर आदि पदों पर सरकारी नौकरी देने क े नाम पर लोगों से फर्जीवाड़ा करके लाखों रूपये ऐंठ लेते हैं। पूछताछ में बताया कि अब तक करीब कुल 22 लोगों को फर्जी नियुक्ति देकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।  एसटीएफ टीम ने बताया कि गैंग का सरगना वशिष्ठ तिवारी के लखनऊ में पकड़े जाने पर ये लोग कार्यालय का सारा फर्जी समान दस्तावेज, कम्प्यूटर व अन्य सामानों को समेट कर फरार होने की फिराक में थे। आरोपितों के खिलाफ स्थानीय कोतवाली में विधिक कार्रवाई की जा रही है

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad