लखनऊ। लोकसभा चुनाव के छठवें चरण में आपराधिक छवि वालों के साथ ही पूंजीपति उम्मीदवारों की संख्या में कमी आई है। इस चरण में 14 सीटों पर चुनाव होंगे। यहां 177 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 172 उम्मीदवारों के हलफनामे का विश्लेषण एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने किया है। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 172 में 36 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले में दर्ज हैं। उसमें भी 29 प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसमें पहले स्थान पर श्रावस्ती के धीरेंद्र प्रताप सिंह है, जो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इनके ऊपर कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 11 गंभीर धाराओं के मामले हैं। दूसरे नंबर पर सुल्तानपुर से प्रसपा उम्मीदवार कमला देवी हैं। इनके खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 13 गंभीर धाराओं के मामले हैं। वहीं, 172 में से 56 उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ या उससे अधिक बताई है। इस चरण में भाजपा के 14 में से 12, बसपा के 11 में 10, कांग्रेस के 11 में 9 और सपा के 3 में दो उम्मीदवार करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति सुल्तानपुर से भाजपा उम्मीदवार मेनका गांधी हैं। उनके पास 55 करोड़ 69 लाख की संपत्ति है। दूसरे नंबर पर जौनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार देवव्रत मिश्रा के पास 51.09 करोड़ और तीसरे नंबर पर सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के संजय सिंह के पास 41.11 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास 37 करोड़ से अधिक संपत्ति है। जबकि सबसे कम मछलीशहर से निर्दलीय उम्मीदवार गंगाराम के पास है, उन्होंने अपनी कुल संपत्ति महज 28 हजार रुपये की बताई है। इस तरह छठवें चरण में प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 3.64 करोड़ रुपये है, जो सभी चरणों के मुकाबले सबसे कम है। वहीं, 16 उम्मीदवारों ने पैन विवरण नहीं दिया है। छठवें चरण में सिर्फ 14 महिला प्रत्याशी हैं, जो अन्य चरणों के मुकाबले सबसे कम हैं।
एक निरक्षर उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में
छठवें चरण में चुनाव लड़ने वाले कुल उम्मीदवारों में से 65 ने खुद की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच की बताई है। 98 उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। जबकि 7 उम्मीदवारों ने खुद को साक्षर और एक ने स्वयं को निरक्षर बताया है।

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