लाखों करोड़ों खर्च के बावजूद भी गौशालाओं का बुरा हाल किये जा रहे किताबी दावे..
भूख से तड़प तड़प कर मर रहे पशु ,
मल्लावां,हरदोई -मल्लावां ब्लॉक के शाहपुर गंगा गांव में बने पशु आश्रय स्थल का हाल बहुत ही बुरा है न ही पशुओं को खाने के लिए चारे की व्यवस्था है न ही धूप से बचने के लिए कोई इन्तजाम, केवल 2 टीनशेड ही पड़े हुए हैं जबकि पशुओं की संख्या लगभग 100 के आस पास है जो पशुओं की संख्या के हिसाब से बौनी साबित हो रही है।वहीं भूख से कई पशुओं की मौत हो चुकी है जिनके शव अभी भी पशु आश्रय स्थल में पड़े हुए हैं जिन्हें आवारा कुत्ते नोच रहे हैं। पशुओं की देख रेख के लिए तीन दिन पूर्व एक चौकीदार भी रखा गया है।पशुओं की इस दुर्दशा पर जिम्मेदार अभी भी मौन हैं। किसी भी प्रकार की सुध नहीं ली जा रही है जबकि सरकार द्वारा इस विषय पर सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं ,जबकि आला अफसरान निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए केवल किताबी दावें कर रहे हैं ।आखिर कहाँ जा रहा गौशालाओं में आने वाला रुपया।पशु आश्रय स्थल पर सभी प्रकार के इंतजाम के लिए सरकार द्वारा पैसा खर्च किया जा रहा है। लेकिन गौशालाओं में कुछ भी उपलब्ध नही है तो ये पैसा किसके खाते में जा रहा है ये भी अपने आप में बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है और ये कहावत को भी सच कर रहा है।

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