लखनऊ। मई महीने के पहले सप्ताह में पड़ने वाले मंगलवार को मनाये जाने वाले विश्व अस्थमा दिवस के दिन देश भर में अलग अलग अस्पतालों के डॉक्टर अस्थमा रोग से सम्बंधित जानकारी देते है इसी सिलसिले में मंगलवार यहाँ राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिकल विभाग में विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर अस्थमा रोग से सम्बंधित विषयों पर चर्चा की।
वहीं इस मौके पर अस्थमा रोग के विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भी मौजूद रहे जहां उन्होंने प्रदुषण की वजह से विश्व भर में दमा के मरीजों की संख्या पर कैसे नियंत्रण किया जाए इस पर भी चर्चा की। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि पांच से ग्यारह साल के बच्चों में लगभग दस फीसदी अस्थमा रोग से पीड़ित हो रहे है खास कर यह लक्षण रोगी श्वास फूलना खांसी आना इसके साथ ही बच्चों में अस्थमा का महत्वपूर्ण लक्षण सुबह या रात में खासी आना सम्बंधित हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि यह रोग इंनफेक्शन की वजह से तेजी गति से फैल रहा है खासकर घरों में जानवर को पालना व हायर क्लास में रहने वालों के घरों में लगे सोफे, गद्दे, कालीन, वगैरा जो बिछाए जा रहे हैं तथा घरों में सीलन, पराग कण, ठंडी हवा, एयर कंडीशन की हवा, या धूल के कण, साफ़ सफ़ाई के समय उड़ने वाली धूल, या किसी भी प्रकार का धुंआ, या घरों में तिलचट्टे का होना ये बीमारी इस वजह से भी फैल रही है। उन्होंने आगे बताया कि जिस तरह से बहुत तेजी के साथ शहरीकरण हो रहे इसकी वजह से अस्थमा रोग फैला रहा है। खासकर इसके लिए वातावरण में फैलने वाले जहरीली हवाओं पर नियंत्रण करने से इस रोग को तेजी के साथ फैलने से रोका जा सकता है।

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