
नई दिल्ली। गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए बच्चे की हत्या के मामले में उसके पिता की ओर से दायर याचिका पर दिए गए हैं। उन्होंने ही यह मांग रखी थी। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय से छह महीने में विस्तृत नीति और दिशा-निर्देश तय करने को कहा है।
गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था। बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया था। आरोपी 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था। अशोक ने मीडिया को बताया था मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। मैं बच्चों के टॉयलेट में था। वहां गलत काम कर रहा था। तभी वह बच्चा आ गया। उसने मुझे देख लिया। मैंने उसे पहले देखा धक्का दिया। फिर खींच लिया। वह शोर मचाने लगा तो मैं डर गया। फिर मैंने उसे दो बार चाकू से मारा। उसका गला रेत दिया।
बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस केस में 11वीं के एक छात्र को आरोपी बनाया था। 28 फरवरी को कोर्ट ने अशोक को बरी कर दिया था।

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