–[रविनेश गुप्ता की रिपोर्ट
] मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। पुलिस की खाऊ कमाऊ नीति के चलते क्षेत्र की कानून व्यवस्था की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। पुलिस पीडि़त को ही शान्तिभंग करने के आरोप मे बंद करने की धमकी देकर मामलों को रफादफा कर रही है। घटना नं० एक-मिर्जापुर कस्बे मे १३ अप्रैल को सुबह करीब आठ बजे मुख्य मार्ग पर स्थित कालीदेवी मंदिर मे पूजा करने गये रतन कुमार सिन्हा और इनकी पत्नी तृप्ती की उनकी रिश्तेदार महिलाओं ने मंदिर मे बंद कर चप्पलों से पिटाई कर दी। मंदिर के बाहर सैकड़ों लोगों का मजमा लग गया। जैसे तैसे महिलाओं के चंगुल से छूटे दम्पत्ति थाने पहुंचे,तो पुलिस ने पीडि़त दम्पत्ति को गालियां देकर बंद करने की धमकी देकर भगा दिया। परेशान दम्पत्ति उच्चाधिकारियों के चक्कर काट रहा है। किंतु कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
घटना नं० दो-मिर्जापुर कस्बे मे ही १५ अप्रैल को सांय करीब छेह बजे बच्चों की लड़ाई मे दबंग पड़ोसियों ने विकास पांडेय की पिटाई कर दी। किसी तरह दबंगो के चंगुल से छूटे विकास भाग कर घर मे बंद हो गये। दबंगों ने छत के रास्ते घर मे घुस विकास के साथ ही घर की महिलाओं को भी लात घूंसो से जमकर पीटा। मोबाइल से घटना की सूचना पुलिस को देते देख एक आरोपी मोबाइल छीनकर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। पीडि़त ने थाने मे घटना की तहरीर दी। किंतु दबंगों के पहुंचते ही पुलिस का रवैया बदल गया और पीडि़त को भी आरोपियों के साथ शान्तिभंग करने मे बंद करने की धमकी देकर समझौता करवाने का दबाव बना रही है। पीडि़त उच्चाधिकारियों के पास न्याय मांगने गया है। इस सम्बंध मे थानाध्यक्ष सीपी त्रिवेदी का कहना है कि मुकदमे से किसी समस्या का हल नहीं होता है। समझौता हो जाने से आगे के लिए विवाद खत्म हो जाते हैं। वैसे घटना की जांच एसआई वकार अहमद खां को सौंपी गयी है। बाद जांच आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
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Monday, 16 April 2018
मिर्जापुर पुलिस की कार्य प्रणाली से पीडि़त परेशान
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