
लखनऊ। ये इश्क नही आशां बस इतना समझ लीजिए, एक आग का दरिया है और डूब कर जाना है। ये कहावत आपने जरूर सुनी होगी। और यह महज कहावत ही नही बल्कि ऐसे कई उदाहरण देखने को भी मिल जाते है। ताजा उदाहरण इंदिरानगर पुलिस के सामने आया है। शहर की इंदिरानगर पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया तो पुलिस के सामने आशिकी की पूरी कहानी सामने आई है। गिरफ्तार युवती को अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए पैसे नही थे तो उसने अपनी बहन को ही निशाना बना डाला। पहले तो उसके एटीएम से कई बार रकम निकाली और सोमवार को वह आशिक संग भागने की फिराक में ही थी कि पुलिस ने उसे दबोच लिया।
थाना प्रभारी इंदिरानगर मुंकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि 21 मार्च को थाना हाज़ा पर यासमीन बानो निवासी दीनदयालपुरम इंदिरानगर ने मामला दर्ज कराया था कि 11 मार्च को उसने अपने एटीएम से 100 रुपये निकाले थे। उसके बाद 21 मार्च को एटीएम देखने पर पता चला कि उसके खाते से कई बार रकम निकाली गई। इस बाबत उसने मामला दर्ज कराया था। फ्रॉड करके एटीएम से रकम निकालने के मामलों में एसएसपी दीपक कुमार के निर्देश पर एएसपी ट्रांसगोमती द्वारा पुलिस को निस्तारण के आदेश जारी किए गए थे। सीओ गाजीपुर अवनीश्वर चंद्र के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी मुंकुल प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। जरिये सर्विलांस सूचना व मुखबिर तंत्र के सोमवार दोपहर 12 बजे एक युवती व युवक को मुंशी पुलिया चौराहा मंदिर के सामने से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त ने अपना नाम प्रेम प्रकाश तिवारी निवासी बाराबंकी बल्कि युवती ने अपना नाम नसरीन बानो निवासी दीनदयालपुरम इंदिरानगर बताया। अभियुक्ता कि पहचान के बाद पुलिस को यास्मीन के मामले में पूछताछ की तो अभियुक्ता ने बताया कि वह वादी यास्मीन की छोटी बहन है व अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए रुपयों के इंतजाम के चलते चोरी की थी।
पुलिस ने दोनों के पास से नगद 79 हजार रुपये समेत एक फैन, एक सिलेंडर व एक टैबलेट फोन बरामद किया है। नसरीन से पूछताछ में उसने बताया कि यह फोन उसकी बहन यास्मीन का ही है जिसे उसने चुराया था। प्रेम प्रकाश ने बताया कि बीते कई दिनों से उसका नसरीन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों साथ मे भागना चाहते थे लेकिन रकम नही थी। इसके लिए प्रेम प्रकाश ने ही नसरीन को राश्ता दिखाया। दोनों ने मिलकर एटीएम से 1 लाख 20 हजार रुपये उड़ा दिए जिसमे से 79 हजार ही बचे थे। प्रेम प्रकाश ज्यादा पैसे निकलवाने के लिए झूठ का सहारा भी लेता था। वह ट्रैक्टर में डीजल खत्म होने की बात कहकर पीपीआ में डीजल भरवाने की बात करता था और फिर ट्रैक्टर न आने की बात कह देता था जबकि डीजल भर की रकम रख लेता था।

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