लखनऊ। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ में प्रदेश के पहले तितली पार्क का उद्घाटन वन एवं वन्य जीव विभाग के मंत्री दारा सिंह चौहान के द्वारा किया गया। इस अवसर पर चौहान ने कहा कि प्राणि उद्यान के निदेशक और उनकी पूरी टीम के साथ-साथ वन विभाग के सभी अधिकारी बधाई के पात्र हैं क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश को पहला तितली पार्क दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की रूचि ही उसे विशेषज्ञ बनाती है। उन्होंने मो0 अहसन को इस तितली पार्क में सहयोग देने हेतु बधाई दी और कहा कि आपके इस कार्य के लिए विभाग आपको हमेशा सम्मान देगा। तितली हमारे जीवन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं।
प्राणि उद्यान को आईएसओ जैसे संस्थान द्वारा जो 3-3 सर्टिफिकेट दिये गये हैं, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अभी किसी भी प्राणि उद्यान को एक साथ 3 सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं। इस हेतु प्राणि उद्यान के अधिकारी एवं कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि देश के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए तितलियों का होना अत्यन्त आवाश्यक है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म के क्षेत्र में सबसे आगे होगा।
देश में पहली बार नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ को 03 आईएसओ सर्टिफिकेट भी दिये गये जिसे प्राणि उद्यान की तरफ से वन मंत्री ने प्राप्त किये। ये तीनों ही सर्टिफिकेट प्राणि उद्यान ने अलग-अलग क्षेत्रों में हासिल किये हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव एसके उपाध्याय ने के मुताबिक, यह तितली पार्क 02 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस तितली पार्क में 40 से अधिक प्रजाति की तितलियॉं हैं एवं 80-100 प्रजातियां के होस्ट प्लान्ट रोपित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि तितलियॉं न होती तो जीवन कितना नीरस हो जाता। आने वाले समय में लखनऊ के व्यक्ति एवं बच्चे जब प्राणि उद्यान-तितली पार्क आयेंगे तो उन्हें एक सुखद अहसास होगा एवं वे तितलियां के विषय में भी जानकारी पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में तितली पार्क में एक इन्टर पिटेशन सेन्टर भी बनाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि तितलियों का एक अद्भुत संसार है। पूरे विश्व में तितलियों की 2000 प्रजातियॉं पायी जाती हैं जिसमें 1500 से अधिक प्रजातियॉं भारतवर्ष में पायी जाती हैं। केवल पश्चिम क्षेत्र में ही 45 प्रजातियॉं पायी जाती हैं। उन्हांने बताया कि तितलियां का औसत जीवनकाल केवल 30 दिन का होता है। कुछ तितलियॉं 6-7 दिन तक ही जीवित रहती हैं। कुछ तितलियों के पंख केवल 3-4 सेमी0 के होते हैं जो हमें दिखायी भी नहीं देते। अन्त में उन्होंने आये हुए स्कूली छात्राओं को तितली पर एक कविता भी सुनायी।

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