लखनऊ। उ.प्र. विधान परिषद चुनाव के लिए गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर ने गुरूवार को विधान भवन में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संतीष चंद्र मिश्रा, राम अचल राजभर, लालजी वर्मा और रामवीर उपाध्याय मौजूद रहे। भीमराव अंबेडकर को समाजवादी पार्टी ने समर्थन देने का फैसला लिया है हालांकि आज नामांकन के दौरान सपा के कोई नेता उनके साथ नजर नहीं आए। अंबेडकर राज्यसभा चुनाव में भी बसपा के प्रत्याशी थे, लेकिन सपा के समर्थन के बावजूद जीत नहीं सके थे।
आज नामाकंन के बाद बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव हमारी मदद कर रहे हैं। उनका तहेदिल से धन्यवाद। उन्होंने कहा कि हमको भरोसा है कि इस बार हमारे प्रत्याशी को सदन पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
मिश्रा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने धन-बल का प्रयोग किया। खरीद फरोख्त के साथ ही तमाम हथखंडे अपनाए। हमारे दो विधायकों को वोट नहीं डालने दिया।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बार अगर भाजपा चार ज़्यादा भी उम्मीदवार खड़ा करती है, तो भी कोई दिक़्क़त नहीं होगी। पिछली बार भीम राव अम्बेडकर के नाम से भाजपा को परेशानी थी। उन्होंने सत्ता के नशे में चूर होकर पूरी ताक़त लगा के रोकने की कोशिश की थी पर इस बार उनकी सारी ताक़त निष्फल होगी और हमारे प्रत्याशी की जीत होगी।
उन्नाव मामले में सवाल करने पर सतीश मिश्रा ने कुछ भी बोलने से इन्कार किया। बोले कि आज सिर्फ नामांकन की ही बात करें। वहीं, नामांकन के चौथे दिन भी सपा की ओर से कोई पर्चा दाखिल करने नहीं पहुंचा।
गौरतलब है कि बुधवार को सपा ने विधान परिषद चुनाव में बसपा को एक सीट पर समर्थन देने का फैसला किया है। जिसमें सपा विधान परिषद चुनाव में दो सीटों के बजाय एक ही सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी और दूसरी सीट पर बसपा का समर्थन करेगी।
बता दें कि 5 मई को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत 13 एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इन्हीं 13 सीटों के लिए विधान परिषद चुनाव 26 अप्रैल को होना है। 9 अप्रैल से शुरू हुआ नामांकन 16 अप्रैल तक चलेगा।

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