
लखनऊ। प्रदेश सरकार को गन्ना माफियाओं के विरूद्ध वर्तमान पेराई सत्र 2017-18 में चलाये जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। जनपद पीलीभीत में 162 कुंतल अवैध गन्ना जब्त किया गया है जिसका कुल मूल्य अंकन रू. 24,921 है। गन्ना की अवैध खरीद में संलिप्त माफियाओं के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है तथा चीनी मिल रोजा के विरूद्ध अवैध सट्टा संचालन, गलत कलेण्डरिंग व अवैध पर्ची निष्कासन के लिये रू.33.50 लाख की पेनाल्टी भी लगाई गई है।
प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा द्वारा दिए गये निर्देश के क्रम में वर्तमान में चल रहे पेराई सत्र में शाहजहाँपुर जनपद में रू.6,39,080 मूल्य का 2,031 कुंतल अवैध गन्ना किया गया जब्त। माफियाओं के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। गन्ना दलाली पर आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने अपनाया सख्त रूख, पूरे प्रदेश में सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों में पंजीकृत सदस्यों का होगा फिर से सत्यापन। मृत एवं डुप्लीकेट सदस्यों का नाम होगा खारिज।
प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, संजय आर. भूसरेड्डी ने इस पर सख्त रूख अख्तियार करते हुए प्रदेश की सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों द्वारा प्रत्येक वर्ष 30 जून, 2018 तक सदस्यों के सत्यापन एवं सदस्यता सूची के अ़द्यतन किये जाने के निर्देश सभी उप गन्ना आयुक्तों को जारी किये हैं। साथ ही साथ सभी गन्ना/चीनी मिल समितियां 30 जून, 2018 तक सदस्यता सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलायेंगी, जिसके अन्तर्गत नये सदस्यों का पंजीकरण, मृत सदस्यों का निरस्तीकरण, वारिस सदस्यता, दोहरी सदस्यता वाले कृषकों की एक सदस्यता निरस्त करने आदि कार्य सम्पादित कर वास्तविक पंजीकृत सदस्यों की अंतिम सूची तैयार की जायेगी, जिससे गन्ना माफियाओं के दलाली के व्यापार पर पूर्ण रूप से रोक लगेगी तथा वास्तविक पात्र को लाभ मिल सकेगा तथा गबन जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
भूसरेड्डी ने बताया कि 30 जून, 2018 के बाद सभी सदस्यों का अंश धारिता भी निर्धारित की जायेगी तथा ऐसे सदस्य गन्ना सदस्य जिनके नाम से गन्ना/चीनी मिल समिति द्वारा उनका अंश निर्धारित नहीं किया गया है, उन्हें धारित अंश की सूचना प्रदान करते हुए अंश प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा, जिससे समिति और सदस्य के मध्य और विश्वसनीयता बढ़ेगी। अंतिम सदस्यता सूची एवं उनके द्वारा धारित अंश का विवरण सामान्य निकाय की बैठक में सार्वजनिक करते हुए पारदर्शी व्यवस्था पर जोर दिया जायेगा। सत्यापित अंतिम सदस्यता सूची 15 जुलाई 2018 तक निबन्धक/गन्ना आयुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

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