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Friday, 13 April 2018

ब्रॉन्ज जीतने वाली दिव्या कभी दंगल में लड़कों को हराती थी, उसे आगे बढ़ाने के लिए पिता बाहर लंगोट बेचते थे

68 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत की दिव्या काकरन ने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है। दिव्या ने बांग्लादेशी रेसलर शेरीन सुल्ताना को मुकाबले में जीत का कोई मौका ना देते हुए सिर्फ 36 सेकंड में हरा दिया। इस दौरान बांग्लादेशी खिलाड़ी एक भी बार खड़ी तक नहीं हो पाई। जीत के बाद हर तरफ इस 19 साल की खिलाड़ी की ताकत और तकनीक की तारीफ हो रही है। हालांकि, दिव्या को जानने वालों को मालूम है कि उनका यहां तक का सफर आसान नहीं रहा है। औपचारिक तौर पर रेसलिंग में आने से पहले दिव्या को दंगल में लड़कों को हराने के लिए जाना जाता था। जिस दौरान वो कुश्ती में दांव लगाकर इनाम जीत रही होतीं, उस समय पैसे की कमी को पूरा करने के लिए पिता भी स्टेडियम और अखाड़ों के बाहर लंगोट बेच रहे होते थे।

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