रायबरेली। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, रायबरेली द्वारा एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को सम्बोधित जिला महामन्त्री पवन श्रीवास्तव के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट आलोक कुमार को इलाहाबाद के अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव के हत्यारों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी, एस0एस0पी0 इलाहाबाद की उदासीनता के कारण हुई हत्या के सम्बन्ध मंे सी0बी0आई0 जाँच कराये जाने के बाबत दिया गया। राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन में जिला महामन्त्री पवन श्रीवास्तव ने कहा कि इलाहाबाद के अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी जाती है, जबकि पूर्व में ही राजेश को अपने साथ इस अनहोनी का अहसास था, जिसके लिए उन्होनें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की माँग भी की थी, एक होटल के अतिक्रमण को हटवाने के लिए उन्होनें उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी, जिस कारण उन्हें अपने साथ होने वाली अनहोनी का भय पूर्व से था, किन्तु इलाहाबाद के एस0एस0पी0 ने उनकी सुरक्षा की माँग को दरकिनार कर दिया। यह घटना इलाहाबाद पुलिस की उदासीनता का परिणाम है। युवा नेता शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि यदि अविलम्ब हत्यारों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी न की गयी तो अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदार उत्तर प्रदेश सरकार की होगी।
जिला उपाध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उदासीनता के कारण एक अधिवक्ता की हत्या हुई है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाते हुए अविलम्ब उनका स्थानान्तरण अन्यत्र किया जाए तथा उनके कार्यो की भी जाँच की जाए एवं पीड़ित परिवार को सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करते हुए 50 लाख का मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।ज्ञापन देने वालांे में मुख्य रूप से चन्द्रलोचन श्रीवास्तव, प्रवीण श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, मोहित श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, देवेन्द्र श्रीवास्तव, मुकेश भटनागर, तनय श्रीवास्तव, सुभाष श्रीवास्तव, रितेश आनन्द श्रीवास्तव, रितेश श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, अपूर्व श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव आदि लोग रहे।

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