नई दिल्ली। व्लादिमीर पुतिन ने चौथी बार रूस के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। लगभग दो दशक लंबा कार्यकाल पूरा कर चुके पुतिन का आज से छह वर्षों का चौथा कार्यकाल शुरू हुआ। रूस के संविधान की शपथ लेकर पुतिन ने कहा, ‘रूस, उसके वर्तमान और भविष्य के लिए हर संभव कार्य करना मैं अपना कर्तव्य और अपने जीवन का लक्ष्य मानता हूं।’

पुतिन 1999 से ही सत्ता में हैं। मार्च में हुए आम चुनाव में उन्हें 76.7 प्रतिशत वोट मिले थे। पुतिन ने रूस के लोगों को उनके समर्थन और प्रेम के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी पितृभूमि के गौरव को पुन: जीवित किया है।’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते मैं रूस की ताकत और समृद्धि को बढ़ाने का हरसंभव प्रयास करूंगा।’
गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति के रूप में पुतिन का चौथा कार्यकाल पश्चिम के साथ बेहद तनावपूर्ण संबंध और विपक्ष के विरूद्ध कार्रवाई की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ है। महज दो दिन पहले ही विपक्ष के नेता एलेक्सी नावाल्नी सहित करीब 1,600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। ये लोग देश भर में पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
यूरोपीय संघ ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। रूस के राष्ट्रपति ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 2014 में क्रीमिया को यूक्रेन से अलग कर दिया और सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल- असद के पक्ष से सैन्य अभियान शुरू किया।
पुतिन ने अपने नये कार्यकाल के दौरान रूस में लोगों का जीवन स्तर सुधारने का वादा किया है। हालांकि, पुतिन ने अपने उत्तराधिकारी के संबंध में कोई संकेत नहीं दिये हैं। जबकि यह स्पष्ट है कि अपना चौथा कार्यकाल पूरा होने के बाद संवैधानिक बाध्यताओं के कारण पुतिन 2024 में राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ सकते।

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