अखिलेश यदि मायावती की पार्टी में विलय कर लें तो ज्यादा फायदा- नरेश अग्रवाल
*जीएसटी के दर कम होने से व्यापारी खुश*
*दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को मंदिर परिसर में सम्मेलन करना नागवार गुजरा*
हरदोई-“समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव यदि बहन मायावती की बहुजन समाज पार्टी में अपनी पार्टी का विलय कर ले, तभी समाजवादियों का बहुजन हिताय चरितार्थ होगा। मंदिर परिसर पर दलित सम्मेलन में शराब बांटना दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों की साजिश है। दलितों के हित में ऐसे सम्मेलन बार बार करेंगे, जिसे कोई नहीं रोक सकता।”अपने आवास पर आहूत प्रेस वार्ता में मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद अंशुल वर्मा पर पासी सम्मेलन पर व्यंगात्मक लहजे में पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने व्यक्त किए।पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने अपने हरदोई आवास पर पत्रकार वार्ता में बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव को मायावती की बहुजन समाज पार्टी में विलय कर लेना चाहिए,इससे ज्यादा फायदा होगा और समाजवादियों के हिताय बहुजन हिताय सार्थक होगा। उन्होंने अपनी ही पार्टी के वर्तमान सांसद अंशुल वर्मा के खिलाफ हमला हमलावर होते हुए कहा कि दलितों का अपमान मैंने नहीं किया, बल्कि दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले उन लोगों ने किया है जिन्हें दलितों का सम्मेलन मंदिर परिषद में किया जाना नागवार लगा। दलितों के मंदिर परिसर में सम्मेलन करने से जल छिड़ककर शुद्ध किए जाने से ऐसे लोगों की मानसिकता पता चल जाती है कि वह कितने दलित विरोधी हैं कि दलितों के मंदिर परिसर में घुस जाने से परिसर अछूत हो गया। उन्होंने कहा कि दलितों के हित के लिए वे बार-बार ऐसे सम्मेलन करेंगे, जिसे कोई नहीं रोक सकता।श्री अग्रवाल ने सांसद अंशुल वर्मा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस व्यक्ति की छवि खुद ऐसी हो, वह दूसरों को नसीहत कैसे दे सकता है। उन्होंने आरोपित किया कि सांसद के बारे में तो मशहूर है कि *सूर्य अस्त,सांसद मस्त* व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि कोई मेरा व्यक्तिगत विरोध करेगा तो वह अपने बारे में कुछ सोच ले, उसका कितना नुकसान होने वाला है। उन्होंने मंदिर परिसर में शराब बांटे जाने की घटना को उनके विरोधियों की एक साजिश बताया और कहा कि सम्मेलन में कोई बच्चा मौजूद ही नहीं था। नरेश अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कमी लाने पर व्यापारी वर्ग खुश है। सवर्णो को 10% आरक्षण देना सरकार का बहुत जन कल्याणकारी फैसला बताते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास”की बात करने वाली मोदी सरकार वास्तव में सबके साथ है और सब के विकास की चिंता करती है। इसीलिए व्यापारियों नौजवानों ने यह मन बना लिया है कि प्रधानमंत्री मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना है।

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