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Sunday, 20 January 2019

हरदोई-कुप्रशासन और भृष्टाचार के बढ़ते प्रभाव से अधर में लटका पालिका का भविष्य

*पालिका राज्यवित्त निधि खाते से चहेते ठेकेदारों को मिला करोड़ों का लोन*

*करोड़ों रुपए का बकाया भुगतान पाने को पूर्व ठेकेदार पालिका में काट रहे चक्कर*

पिहानी।हरदोई।पालिका पिहानी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शतीश कुमार के साथ कलेक्ट्रेट परिसर कचहरी हरदोई में शनिवार को हुई मारपीट के पूरे मामले की विस्तृत जानकारी करने पर घटना के जो कारण मालूम हुए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं।मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2012-2017 के बीच पिहानी में कराए गए विकास कार्यों में ठेकेदारों का करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया है और उनमें से किसी ठेकेदारों को कोई ठेका न मिले इसके लिए निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के खेल का खुलासा कुछ यूँ हुआ है।पहले ठेकेदार कमल वर्मा के पक्ष में पालिका राज्यवित्त निधि पिहानी के खाते से 2 करोड़ का लोन किया गया और उसका कमीशन बांट लिया गया।राज्यवित्त निधि खाते में प्रतिमाह आने वाले राजस्व धन से ही कर्मचारियों का वेतन और कार्यालय खर्च पूरे होते हैं।पालिका कर्मचारी इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि जिस हिसाब से पालिका राजस्व निधि खातों से ठेकेदारों को लोन किया जा रहा है उस हिसाब से भविष्य में कर्मचारियों का वेतन भी मिलना मुश्किल में पड़ जाएगा।कर्मचारी कहते हैं कि अधिकारियों का क्या जाता है आज यहाँ कल वहाँ।ऐसी स्थिति में स्थाई पालिका कर्मचारियों के साथ अहित हो रहा है जो भविष्य में पालिका और नगर विकास के लिए घातक साबित होगा।सड़क निर्माण कार्य हेतु चहेते ठेकेदार को ई-टेन्डरिंग निविदा भरने की प्रक्रिया पूरी कराकर साइड को इस नियत से बंद(लाॅक)किया गया था कि कहीं कोई और ठेकेदार इनसे कम रेटों की निविदा भरकर आवेदन न करने पाए।निविदा भरने की निर्धारित तिथि 4 जनवरी से 18 जनवरी तक थी इस तिथि के समापन से 1-2 दिन पूर्व योजनाबद्ध तरीके से तालमेल करके साइड खोलकर तीन अन्य ठेकेदारों से कमल ठेकेदार के मुकाबले अधिक रेटों की निविदा भरवा दी गईं।18 जनवरी को कमल ठेकेदार के पक्ष में टेंडर खोलकर सूचना आम की गई और 19 जनवरी को उन्हें
जिलाधिकारी कार्यालय में मिलने के लिए पालिका प्रशासक पीएन दीक्षित ने अपने सहायक कर्मी शतीश से कहकर कमल वर्मा को फोन कराया ताकि वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर मिलें।आरोप है कि शतीश ने कई बार काल की मगर फोन नहीं उठा और जैसे ही 19 जनवरी को दोपहर बाद समय करीब शनिवार 3:45 बजे वह अधिशाषी अधिकारी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के निकट पहुँचा तो वहाँ पर पहले से घात लगाए खड़े कमल ने शतीश से गाली गलौज के शब्दों में कहा कि फोन क्यूं किया।जिसका विरोध जताने पर मामला तूल पकड़ गया।इस तरह ई-टेन्डरिंग निविदा भरने में व्याप्त कुप्रशासन भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के दोष में घिरी पालिका पिहानी की कहानी पर कानाफूसी के शक की बुनियादी पर हुआ शतीश पर अत्याचार और साथ ही विवादास्पद स्थिति उत्पन्न होने से इस बात का खुलासा हुआ है कि नपाप कार्यालय पिहानी में कुप्रशासन और भृष्टाचार के विरुद्ध आवाज बुलंद करने की चेष्टा में पालिका चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शतीश कुमार को मारा पीटा गया है।

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