आंकड़े बतायेंगे कौन बनेगा प्रधानमंत्री! बघेल
लखनऊ। 15 साल के राजनीतिक वनवास के बाद जब छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेसी पंजे की पकड़ फिर से वहां मजबूत हुई तो बारी आई प्रदेश नेतृत्व की। कई प्रमुख नाम चर्चा में आये, पर पार्टी नेतृत्व ने भूपेश बघेल के नाम पर मुहर लगायी। अभी विधानसभा चुनाव की जीत का जश्न खत्म भी नहीं हुआ था कि लोकसभा चुनाव सिर पर आ गए और सीएम बघेल अपनी टीम के साथ यूपी दौर पर निकल पड़े। बघेल जिस अंदाज व सहजता के साथ प्रदेश में अवध से लेकर पूर्वांचल क्षेत्रों का लगातार दौर कर रहें, ऐसे में यहां के स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा जोरों पर चल रहा कि कहीं न कहीं वो उनके बीच के ही नेता हैं। यही नहीं राज्य बंटवारे से पहले वो मध्य प्रदेश में दिग्विजय सरकार से लेकर छत्तीसगढ़ के पहले कांग्रेसी सीएम रहें अजीत जोगी सरकार में मंत्री भी रहें। 80 के दशक में युवा कांगे्रस टीम में शामिल होकर अपनी राजनीति शुरू करने वाले बघेल को पार्टी में संगठनिक कौशल के लिए जाना जाता है। उनकी इस राजनीतिक विशेषता को विपक्षी दलों के नेतागण भी मानते हैं। यूपी दौरे के ही बीच उनसे राजधानी लखनऊ में एक खास मुलाकात हुई। ऐसे में तरुणमित्र के वरिष्ठ संवाददाता रवि गुप्ता ने उनसे वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश-:
प्रश्न-: क्या विधानसभा की तरह लोकसभा में भी ऐसी ही जीत दोहरायेंगे?
उत्तर-: निश्चित तौर पर ऐसा ही होगा। पीएम के नोटबंदी और राजनीतिक छलावे से जनता त्रस्त हो चुकी है। सत्ता परिवर्तन के लिए जन-जन तैयार है।
प्रश्न-: छत्तीसगढ़ और यूपी में क्या स्थिति रहेगी?
उत्तर-: हमारे यहां तो पहले तीन फेज में चुनाव हो गए, रिकॉर्ड सभी सीटें आयेंगी। यूपी में भी जबरदस्त कामयाबी मिलेगी। अबकी मोदी लहर नहीं चलने वाला है।
प्रश्न-: यूपी में इतना लम्बा राजनीतिक प्रवास, कोई खास वजह?
उत्तर-: कांग्रेस के मैनिफेस्टो को जन-जन के बीच पहुंचाने का लक्ष्य है। यूपी बड़ा राज्य है, ऐसे में यहां पर व्यापक स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। अभी प्रयागराज में कार्यक्रम है और आगे वाराणसी का भी दौरा करेंगे।
प्रश्न-: विपक्षी दलों के बीच पीएम प्रत्याशी को लेकर बयानबाजी हो रही है, क्या कहेंगे?
उत्तर-: विपक्षियों के बीच कांग्रेस सबसे बड़ा दल है और उसी की अगुवाई में केंद्र की सत्ता पर काबिज होंगे। जहां तक बात पीएम प्रत्याशी का है तो राहुल गांधी ही हमारे नेता हैं। फिलहाल आगे आंकड़े बतायेंगे कौन बनेगा पीएम।
प्रश्न-: सपा-बसपा गठबंधन से यूपी में क्या फर्क पड़ेगा?
उत्तर-: कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के सभी प्रत्याशियों को शानदार विजय हासिल होगी। राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। जनता खामोश है और मन ही मन यह तय कर चुकी है कि किस पर भरोसा करना है।

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