सोमवार 6 मई को 5 वे चरण की 14 सीटो पर होगा मतदान
अशोक सिंह विद्रोही / कर्मवीर त्रिपाठी
लोकतंत्र के सबसे बड़े महात्यौहार के पांचवें चरण का प्रचार अभियान विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया माध्यमों में दर्ज हुए फोनी , फैनी, फेनी,फनी तूफान के साथ ही शनिवार को शाम 5 बजे थम गया। चुनावी शोर थमने के साथ ही उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर पांचवें चरण के दौरान भाजपा, कांग्रेस सहित गठबंधन के धुरंधर महारथियों के चाल और चलन पर चुनाव आयोग के कैमरे की वक्र दृष्टि भी शुरू हो गई।
ओडिशा के तट से टकराए चक्रवाती तूफान फानी के शोर के साथ ही देश के पांचवें चरण में 7 राज्यों के 51 सीटों पर सोमवार 6 मई को मतदान होना है।
रैलियो और रोड शो में बटोरी जाने वाली भीड़ महज 48 घंटे बाद सोमवार 6 मई को लाइन में लगकर मतदाता के तौर पर अपने सबसे बड़े हथियार मतदान द्वारा तमाम सियासी दिग्गजों के भाग्य का फैसला करेगी।
चुनावी नजरिए से देखें तो पांचवें चरण के अंतर्गत हो रहे 14 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस सहित राजनीति प्रयोगशाला बने गठबंधन की असली अग्नि परीक्षा है। सियासत के आसमान पर जगमगाते सबसे बड़े और अहम सितारों के तौर पर अवध की शान लखनऊ सीट से भाजपा के राजनाथ सिंह और गठबंधन से सिनेस्टार शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा के बीच कांग्रेसी आचार्य प्रमोद कृष्णन हो रहे ‘सियासी नाच में कूद पड़ा सन्यासी’ वाले हालात पैदा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
यूपी में अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही कांग्रेस ने सूबे को पूरब और पश्चिम में बांटकर प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपना कमाल दिखाने का जिम्मा सौंपा है। पांचवें चरण से लेकर आखिरी सातवें चरण तक की सीटे प्रियंका के करिश्मे पर ही निर्भर है।
कुल मिलाकर ‘महज एक और गांधी या सियासी आधी’ के रूप में पार्टी मे नयी बनी महासचिव प्रियंका गांधी की परीक्षा सही मायनों में अब शुरू हो रही है। अपने करिश्मे के बूते कि उन्हें एक बेटी के तौर पर मा सोनिया गांधी की सीट रायबरेली और बहन के तौर पर भाई राहुल गांधी के अमेठी में भाजपा की स्मृति ईरानी से मिल रहे कड़े टक्कर से एक साथ निपटना होगा।
वही वोट कटवा वाले बयान से उबरते हुए उन्हें 5 वे चरण के बाकी 12 सीटों पर भी अपना करिश्मा साबित करना पड़ेगा।
शनिवार की शाम को ही इन 14 सीटों पर प्रचार थमने के साथ ही पोलिंग पार्टियां और सुरक्षाबलों के दस्ते निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं।
प्रदेश के अवध व बुन्देलखंड अंचल के खीरी, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रतागढ़, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, गोण्डा जिलों की धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी सुरक्षित, अयोध्या, बहराइच, कैसरगंज और गोण्डा सीटें शामिल हैं।
सीटो के सबसे बड़े लड़ैया
लखनऊ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह (भाजपा), पूनम सिन्हा (गठबंधन), रायबरेली से कांग्रेस की प्रमुख नेता व यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी, अमेठी सीट से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा की स्मृति ईरानी, बाराबंकी सीट से कांग्रेस के प्रवक्ता पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया, मोहनलालगंज सीट से मौजूदा सांसद व भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर, गठबंधन उम्मीदवार सीएल वर्मा, धौरहरा सीट से कांग्रेस के जितिन प्रसाद, कैसरगंज से भाजपा से बृजभूषण शरण सिंह, गोण्डा से गठबंधन के पंडित सिंह हैं।

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