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Friday, 6 April 2018

मेरठ: हिंसा के बाद सड़कों पर अलर्ट, एसएसपी ने कराया 6 किमी का पैदल मार्च

मेरठ। पूरे देश में एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलितों का भारत बंद सोमवार को कई जगहों पर हिंसक रूप से देखने को मिला। यूपी के लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, हापुड़, आजमगढ़, कानपुर, इलाहाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, गाजियाबाद और आगरा समेत लगभग सभी जिलों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। कई जिलों में सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। मेरठ जिला में एससी एसटी एक्ट के बदलाव को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस ने की शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि दलित हिंसा के बाद मेरठ पुलिस लगातार सड़कों पर अलर्ट नजर आ रही है। मेरठ के जली कोठी से उन्होंने शुक्रवार को डीएम मेरठ अनिल डींगरा की मौजूदगी में 6 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च के दौरान सभी एएसपी, सभी सीओ, सभी थानेदार सहित पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित पुलिस के जवान भी शामिल रहे। एसएसपी ने बताया कि पैदल मार्च शांति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निकाला गया। पुलिस लाउडस्पीकर से जनता से अपील की है कि शहर की शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस की मदद करें। एसएसपी ने कहा कि शहर का माहौल जिसने भी ख़राब किया उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

ये है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

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