– मांगे न पूरी होने पर 16 अप्रैल को आंदोलन करने की कही बात
सीतापुर। राष्टीय अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विकास परिषद के अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने नगर मजिस्टेट सीतापुर को ज्ञापन प्रस्तुत कर शीघ्र कार्यवाही की मांग की और कहा कि मांगे न मानी गई, तो आगामी 16 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
परिषद के अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने नगर मजिस्टेट से कहा कि सदर एसडीएम शशांक त्रिपाठी ने उपस्थित परिषद के लोगों के सामने रहिमाबाद में कोटेदार चयन के संदर्भ में शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन और मुकदमा वापस लिये जाने की बात कहीं थी और दलितों की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा किया गया कब्जा को शीघ्र हटाने की बात कही थी। परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही न होने के कारण थाना खैराबाद के दरोगा विनोद कुमार शर्मा द्वारा दर्ज फर्जी मुकदमा की जांच के नाम पर नामजद 10 और अज्ञात 40 लोगों आए दिन परेशान कर रहे है।
जबकि एसडीएम द्वारा कहा गया था कि तत्तकाल मुकदमा वापस लिया जाएगा और समस्त बिन्दुओं पर कार्यवाही की जाएगी। इसके बावजूद थाना खैराबाद के दरोगा विनोद शर्मा द्वारा जिला प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसकी परिषद ने घोर निंदा करते हुए कहा कि दरोगा के विरूद्ध कठोर कार्यवाही नहीं की गई और पीड़ितों को न्याय नहीं दिया गया, तो 16 अप्रैल को विकास भवन के सामने आंदोलन किया जाएगा।
वहीं पर परिषद अध्यक्ष ने सदर एसडीएम शशांक त्रिपाठी से भेट कर उक्त समस्त बिन्दुओं पर कार्यवाही के संदर्भ में विस्तार से चर्चा ने की। जिस पर एसडीएम सदर ने समस्त बिन्दुओं पर पुनः कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा कि शीघ्र पीडितों को न्याय मिलेगा। इस संदर्भ में सम्बन्धित विभागों को पत्र लिख दिया गया है। वहीं परिषद अध्यक्ष ने कहा कि न्याय न मिला, तो इस बार विशाल विरोध प्रदर्शन हेागा।
जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर राजाराम, रजनी राज, माल्ती देवी, जगरानी, त्रिवेणी पाल, श्रीपाल गौतम, मीना भारती, गुडडू आदि लोगों ने एक स्वर में कहा कि जुल्म कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा, इसके लिए चाहे सड़को पर उतरने के लिए विवश होना पड़े। क्योंकि रहिमाबाद में भ्रष्ट प्रधान के चलते झुग्गी-झोपड़ी में निवास करने वाले लोगों को आवास नहीं दिया गया और जिन लोगों को आवास दिया गया, उनके घर पक्के बने हुए है।
वहीं प्रधान अपनी तानाशाही के चलते वर्ष 2016-17 में बने आवास व शौचालय का पैसा अभी तक भुगतान नहीं दिया है और जो आवास 2017-18 में आवास बने है वह मानक के अनुसार नहीं बने है। जिसकी निष्पक्ष जांच की जाए और राशन कार्ड धारकों को उनके यूनिट के अनुसार राशन दिया जाए।


No comments:
Post a Comment