लखनऊ। पांच बार तमिलनाडु में मुख्यमंत्री रहे द्रविड आन्दोलन के अगुवा व तमिलजन के लोकप्रिय नेता श्री एम0 करूणानिधि के निधन से पूरे देश के राजनीतिक वातावरण में शोक है। वे प्रख्यात लेखक व चिंतक थे। उनका निधन अपूर्णनीय क्षति है। यह बात आज उ0प्र0 विधान सभा की याचिका समिति की अध्यक्षता करते हुए उ0प्र0 विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कही। शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद समिति की बैठक स्थगित कर दी गयी।
इस अवसर पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्री दीक्षित ने कहा कि श्री एम0 करूणानिधि जी ने राजनीति के साथ-साथ सिनेमा, कला एवं साहित्य में अपना अप्रतिम योगदान दिया था। उनकी पहचान फिल्म पटकथा लेखक, पत्रकार और साहित्य सृजक के रूप में भी थी। इतिहास में बहुत ही कम राजनेता है जो राजनीति के साथ-साथ साहित्य साधना व सामाजिक परिर्वतन के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सके। तमिलनाडु के सामाजिक आन्दोलन के वह मसीहा रहे। खेती, किसानी से जुड़े लोगों व मजदूरों के बीच वह लोकप्रिय रहे।
श्री दीक्षित की अध्यक्षता में समिति की ओर से शोक प्रस्ताव पारित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वह मृत आत्मा को मोक्ष, मुक्ति, एवं शान्ति प्रदान करे। उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरे राष्ट्र के लोगों को उनके निधन पर हुई अपूर्णनीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इस अवसर पर समिति की बैठक में श्री विनय शंकर तिवारी, श्री डी0सी0 वर्मा, श्री अमिताभ बाजपेयी, श्री रजनीकान्त मणि, श्री जगन प्रसाद गर्ग, श्री विक्रम सिहं, श्री विनोद कटियार सहित मा0 सदस्य के साथ विधान सभा के प्रमुख सचिव, श्री प्रदीप दुबे ने भी शोक व्यक्त किया तथा अनेक अधिकारी/कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
08.08.2018


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