हरदोई। कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। मेहनत और लगन के बल पर इसमें निखार आता है। सही प्लेटफार्म मिले, तो ये नाम रोशन करने में भी देर नहीं करती। कुछ ऐसी ही प्रतिभा हरदोई के युवा आर्यन सिंह में हैं। आर्यन की प्रतिभा को देखते हुए चार बार के गिनीज बुक विनर और गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड संस्था के प्रतिनिधि डॉक्टर जगदीश पिल्लई रविवार को हरदोई पहुंचे। उन्होंने आर्यन की प्रतिभा को सराहा और उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया। इसके साथ ही डीएम ने आर्यन को पुरस्कृत भी किया।
जिलाधिकारी हरदोई पुलकित खरे ने बताया कि आर्यन सिंह मूलरूप से कृष्ण नगरिया बाबा मन्दिर हरदोई के रहने वाले हैं। आर्यन सिंह के पिता मुन्नू सिंह किसान हैं। आर्यन ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद पॉलिटेक्निक से कम्प्यूटर में 2017 बैच से डिप्लोमा किया है। वर्तमान में सॉफ्टवेर प्रोग्रामिंग की तैयारी कर रहे हैं। आर्यन सिंह अपना आदर्श स्वामी विवेकानन्द को मानते हैं। आर्यन सिंह ने भगवा रंग के 4187 फिट लम्बे तथा 1.5 इंच चौड़े फीते पर नीले स्थायी मार्कर के जरिये अपने हाथों से सम्पूर्ण भगवत गीता संस्कृत में लिखी है। फीते पर लिखी गई भगवत गीता का प्रदर्शन 2 सितम्बर को रसखान प्रेक्षागृह में सुबह 10 बजे से किया गया।
डीएम ने बताया कि इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने देखा, जिसके बाद इसे रिकार्ड बुक में दर्ज किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि जिलाधिकारी पुलकित खरे खुद कर रहे थे। आर्यन ने बताया कि उन्हें श्रीमद् भागवत गीता कि यही बात याद आती थी कि कर्म करो फल की इच्छा मत करो और इसी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े आर्यन अपना परिश्रम अपना कर्म करते रहे और उन्होंने पॉलिटेक्निक कंप्यूटर डिप्लोमा किया। श्रीमद् भागवत गीता से यह युवा बेहद प्रभावित है और पूरी भागवत गीता को अनूठे अंदाज में लिखने का निर्णय किया। जब डीएम पुलकित खरे को इस ओर जानकारी मिली तो उन्होंने इस युवा की सराहना करते हुए सभी को उसकी उपलब्धि के बारे में जानकारी दी।


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