मथुरा। भारतीय रिजर्ब बैंक के दिशा निर्देशन में संचालित ज्ञान ज्योति वित्तीय साक्षरता केन्द्र मथुरा द्वारा डिजिटल बैंकिग व डिजिटल सुरक्षा विशय पर एक सेमिनार आईओपी वृन्दावन में आयोजित किया गया। वित्तीय साक्षरता केन्द्र मथुरा
के वरिश्ठ सलाहकार अमित चतुर्वेदी द्वारा छात्र छात्राओं को को बचत के जीवन में महत्व व बचत खाता खोलने के लाभ बताए। बताया कि कोई भी छात्र जिसकी उम्र 10 वर्श से अधिक हो वो बैक में अपना खाता खोल सकता है जिसके लिए उसका आधार कार्ड होना आवष्यक है। छात्राओं केा शिक्षा ऋण , आवर्ती जमा खाता, सावधि जमा खाते की विस्तृत जानकारी दी। छात्राओं को डिजिटल बैंकिग के महत्व के बारे में सम-हजयाया। जिसमें भीम एप्प, यूपीआई, यूएसएसडी, आरटीजीएस, एनईएफटी, रूपयेकार्ड, ईबैंकिग, मोबाईल बैंकिग, ई पासबुक, स्वैप मषीन के प्रयोग के बारे में जानकारी दीं गई। । छात्राओं को बताया की अब चैक बुक व डाफ्ट्र को छोड़कर डिजिटल तरीके से धन अंतरण करें। इसमें समय की बचत होती है व अवकाश के दिनों में भी अपना कार्य घर बैठे कर सकते हैं । अब आधार कार्ड के सहायता से हम अपना लेन देन कर सकते हैं। फोन पर किसी केा भी अपने बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। न ही किसी भी अधिक ब्याज के प्रलोभन में न आने की बात कही। कार्यक्रम के अन्त में छात्रों के बैंकिग से जुडें सवालों का जिज्ञासाओं को सुनकर उनका निराकरण सलाहकारों ने किया। कार्यक्रम में लगभग 200 प्राशिक्षणार्थीयों ने प्रतिभाग किया। साथ ही बताया कि बैंकों द्वारा चिप कार्ड वाले एज्पएम कसर्ड बैकां द्वारा बदले जा रहे हैं अब पुराने कार्ड कार्य नहीं करेगें। बताया कि हर तीन माह बाद अपना एटीएम का कार्ड नंबर बदल लें व कार्ड नं में कभी भी अपना मोबाईल नम्बर व जन्म तिथि न डाले। साथ ही
कभी भी वाई फाई नेटवर्क में मोबाईल बैंकिग व इंटरनेट बैंकिग का इस्तेमाल न करें। बाहरी किसी भी व्यक्ति
से मदद न लें। इस अवसर पर प्रधानाचार्य यूसी दुबे, अमित चतुर्वेदी, दीपक गोस्वामी, व कालेज के अन्य अधिकारी व कर्मचारी प्रमुखरूप से मौजूद रहे।
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Thursday, 6 December 2018
सेमिनार में दिये डिजिटल बैंकिग के टिप्स
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