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Wednesday, 10 April 2019

पीर बाबा के मज़ार पर हर दुआ होती है क़बूल , 14-15 अप्रैल को बिक्रम में उर्स

बेटियां है बड़ी दौलत , इनके इज्जत करने से घर में होती है बरकत

>> प्रशासन ने यथा सम्भव सहयोग का दिया भरोसा ,सारी तैयारियां पुरी

बिक्रम/ पटना । ना-उम्मीदी में दुआ बड़ी काम आती हैं ,आखिर में डाक्टर भी यहीं कहते हैं की ऊपर वाले से दुआ कीजिए । कभी -कमी चमत्कार भी हम सभी को दिखने को मिलता हैं । ऐसा ही है हिन्दू -मुस्लिम एकता का प्रतीक ,पटना जिला के बिक्रम स्थित हजरत ख्वाजा नुरूल होदा चिस्ती , पीर बाबा का मजार। नियत से जो भी व्यक्ति हजरत ख्वाजा नुरूल होदा के मजार पर चादरपोशी करता हैं उसकी हर एक दुआएं पुरी होती हैं । अपनी मन्नत लेकर देश-दुनिया से लोग मजार पर चादरपोशी और दर्शन करने प्रतिदिन आते हैं ।
          बाबा के जीवन काल में साथ रहें ,कोलकाता निवासी , मजार के अध्यक्ष अब्दुल लतिफ बताते हैं की बाबा के पास भी दिन-दुखीया आते थे उन्हें यहीं कहते थे-कर्म अच्छे करें ,ऊपर वाला सबकुछ सही कर देगा । इसके साथ ही उस दिन-दुखीया के सिर पर हाथ फेर देते थे ,देखते -देखते ,उसकी परेशानी कुछ ही समय में समाप्त हो जाता है और घर-परिवार में विकास की धारा चल देती थीं । बाबा की सबसे बड़ी उदारता यह थी की अपने बीमार भक्तों का बीमारी अपने शरीर में लेते थे, इस कारण उन्हें कभी -कभी स्वयं बीमारी से ग्रस्त होना पड़ता था लेकिन अपने को खुशी देखकर वह भी खुश रहते थे। बाबा धर्म के प्रति शुरू से ही उदार थे। वह कहते थे की ऊपर वाले ने हमें जमीन पर इंसान रूप में भेजा है। पहले हम इंसान हैं और इंसानियत ही हमारी धर्म और कर्म हैं । यहीं हैं की पीर बाबा के सैकड़ों भक्त (मुरीद ) हिन्दू हैं और बाबा में श्रद्धा रखते हैं । अब्दुल लतिफ आगे बताते हैं की बाबा की सोच बड़ी थीं ,वह अक्सर कहते थे की बेटियां ,बड़ी दौलत हैं ,इनकी इज्जत करने से घर-संसार में बरकत मिलती हैं ।

उर्स की सारी तैयारियां पुरी

बिक्रम में दो दिवसीय उर्स, 14-15 अप्रैल 2019 की सारी तैयारियां पुरी कर ली गयी हैं । पीर बाबा की छोटी बेटी सह उर्स कमिटी की सचिव इशरत अंसारी ने बताया की उर्स में देश के कोने -कोने से श्रद्धालुओं का जत्था आता हैं । सारे लोगों के रहने -खाने की व्यवस्था की गयी हैं।  15 अप्रैल को बाबा के मजार पर चादरपोशी के बाद, शान में कब्बाली आयोजित हैं । पुलिस -प्रशासन के उच्च अधिकारियों को सूचना दे दि गयी हैं ,लगातार संपर्क में हैं । सभी ने यथा-संभव सहयोग करने का भरोसा दिया हैं । चादरपोशी में देश-दुनिया और इंसान की तरक्की के लिए विशेष दुआ की जाती हैं ।
            

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