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Friday, 12 April 2019

किडनी कैंसर इलाज में हुआ बेहतर परिवर्तन— डॉ पाहवा

लखनऊ। किडनी के ट्यूमर (कैंसरग्रस्‍त) के इलाज में आमूलचूल परिवर्तन आया है, अब अत्‍याधुनिक सर्जरी रोबोटिक और दूरबीन विधि से करने पर न सिर्फ इसका उपचार बेहतर तरीके से किया जा रहा है बल्कि ट्यूमर और गुर्दे का थोड़ा सा हिस्‍सा ही निकालकर बाकी गुर्दा बचा लेना संभव हो गया है, जबकि पहले पूरा गुर्दा निकालना पड़ता था। अगर इसके कारणों की बात करें तो सबसे बड़ा कारण धूम्रपान किेया जाना सामने आया है।

यह जानकारी किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय स्थित अटल बिहारी कन्‍वेंशन सेंटर में शनिवार व रविवार को होने वाली अंतरराष्‍ट्रीय कॉन्‍फ्रेंस ‘यूरोऑन्‍कोकॉन 2019’ के बारे में जानकारी देते हुए कॉन्‍फ्रेंस के आयोजन अध्‍यक्ष डॉ एसएन संखवार व सचिव डॉ एचएस पाहवा ने आज केजीएमयू में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी। इस कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन केजीएमयू ने नयी दिल्‍ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्‍टीट्यूट, संजय गांधी पीजीआई, लखनऊ तथा यूरोलॉजिकल एसोसिएशन ऑफ उत्‍तर प्रदेश-उत्‍तराखंड, लखनऊ यूरोलॉजी क्‍लब एवं आरएस एजूकेशनल सोसाइटी के संयुक्‍त तत्‍वावधान में आयोजित की जा रही है।

पत्रकार वार्ता में मौजूद डॉ संखवार और डॉ पाहवा ने बताया कि सम्‍मेलन में सतत चिकित्‍सा शिक्षा (सीएमई) कम वी‍डियो वर्कशॉप के माध्‍यम से दुनिया भर से आ रहे करीब 100 विशेषज्ञ किडनी कैंसर को लेकर दिशा में किये जा रहे अपने-अपने कार्यों के बारे में बतायेंगे जो मरीजों के इलाज की दशा और दिशा तय करने में मददगार होगा। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले करीब 300 चिकित्‍सकों को किडनी के कैंसर पर अंतरराष्‍ट्रीय एवं राष्‍ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा नैदानिक मामले पर आधारित दृष्टिकोण, पैनल डिस्‍कशन, वीडियो, व्‍याख्‍यानों से मरीज के इलाज तथा ऑपरेशन से संबंधित बारीकियों को समझने का मौका मिलेगा।

डॉ पाहवा ने बताया कि दुनिया भर में कैंसर के मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। भारत की बात करें तो आईसीएमआर के अनुसार इस समय देश में साढ़े 22 लाख कैंसर से पीड़ित लोग हैं, जबकि हर साल करीब 11 लाख नये कैंसर रोगियों को चिन्हित किया जाता है। वहीं अगर इससे होने वाली मौतों की बात करें तो बीते 15 वर्षों में यह संख्‍या दोगुनी हो गयी है। हर वर्ष कैंसर से ग्रस्‍त करीब 8 लाख लोग मौत का शिकार हो जाते हैं। किडनी का कैंसर मूत्र संबंधी कैंसरों में तीसरे नम्‍बर का कैंसर है।

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