पाली,हरदोई-शासन प्रशासन की लाख कोशिशों और करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं सुधर पा रही तालाबों की स्थिति ,कहीं भू माफियाओं के अवैध कब्जे से सिकुड़ता तालाबों का क्षेत्रफल तो कहीं तालाबों से उड़ती धूल इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से बेहाल पशु पक्षी समेत जंगली जानवर तक अपना हलक तर करने के लिए भटकने को मजबूर हैं।भरखनी विकास खण्ड की ग्राम पंचायत गौरखेडा के गाँव निजामपुर सैदा के आदर्श तालाब के सौंदर्यीकरण पर सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद ग्रामीणों द्वारा कूड़ा करकट डालकर उसके अधिकतर क्षेत्रफल को अपने कब्जे में लेते हुए खनन कर उसकी सूरत को बदरंग कर दिया है। वही मुंडेर ग्राम पंचायत में रूपापुर चीनी मिल के पास बने आदर्श तालाब मे भी जमकर खनन किया जा रहा है और प्रशासन के कानों पर जूं तक रेंगता नजर नहीं आ रहा है। ग्राम पंचायत रहतौरा के हालात इससे भी बदतर है यहां के ग्रामीणों ने बताया कि मेरी ग्राम पंचायत में पाच से छः के करीब छोटे बड़े तालाबों की संख्या है जिनमें से कुछ पर आधे से अधिक तालाबों के क्षेत्रफल पर ग्रामीणों ने अपना कब्जा जमा रखा है और बचे दो तालाबो के सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये का बंदरबांट तो हुआ लेकिन अपनी दयनीय स्थिति में सूखे पड़े तालाबों की वजह से इस भीषण गर्मी में पशु पक्षियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड रहा है जो अब मजबूर हो कर अपना हलक तर करने के लिए चार पांच किलोमीटर दूर गर्रा नदी की तरफ पलायन करने को मजबूर हो रहे है। तालाबो की निरंतर बदसूरत हो रही तस्वीरों को देखकर ग्रामीणों द्वारा शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाना लाजिमी है।
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Sunday, 26 May 2019
भरखनी,नही सुधर पा रही है तालाबों की स्थिति
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