लखनऊ के KGMU में बची सिपाही की जान, फेफड़े में था ट्यूमर डॉक्टर करते रहे दिल का इलाज | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Thursday, 9 May 2019

लखनऊ के KGMU में बची सिपाही की जान, फेफड़े में था ट्यूमर डॉक्टर करते रहे दिल का इलाज

लखनऊ। 24 वर्षीय युवक के दाएं फेफड़े में ट्यूमर था, लेकिन निजी अस्पताल के डॉक्टर दिल का इलाज करते रहे। धीरे-धीरे ट्यूमर का आकार बढ़ता गया। वह दिल पर भी असर डालने लगा। युवक की जिंदगी दांव पर लग गई। परिवारीजन युवक को इलाज के लिए केजीएमयू ले आए। यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मरीज की जिंदगी बचाई।

ये है पूरा मामला

प्रयागराज के सुलेमपुर निवासी पवन (24) पुलिस विभाग में सिपाही है। वर्ष 2016 में उन्हें छाती में भारीपन का अहसास हुआ। धीरे-धीरे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। फिर तेज चलना व वजन उठाना भी मुश्किल होने लगा। कई निजी डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टर पहले निमोनिया का इलाज करते रहे।

एक चिकित्सक उसे हृदयरोगी बताते महीनों से इलाज कर रहे थे। हालत बिगड़ती गई तो अप्रैल में परिजन मरीज को लेकर केजीएमयू पहुंचे। यहां जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. सुरेश कुमार को ओपीडी में दिखाया। यहां जांच में फेफड़े में ट्यूमर की पुष्टि हुई।

रेयर ट्यूमर का सफल ऑपरेशन

डॉ. सुरेश के मुताबिक पवन में फेफड़े का हर्माटोमा ट्यूमर पाया गया। यह रेयर होता है। इसकी साइज 15 गुणा 16 थी। वहीं वजन करीब एक किलोग्राम हो गया था। यह फेफड़े से वजनी हो गया था। इलाज में और देरी से ट्यूमर फट सकता था। ट्यूमर दिल पर भी दबाव डाल रहा था।

ऐसे में 29 अप्रैल को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाला। वहीं, ऑपरेशन पर सिर्फ 15 से 20 हजार रुपये ही खर्च आया। प्राइवेट अस्पतालों में इस ऑपरेशन पर कम से कम चार से लाख रुपये का खर्च आता।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad