कितने अजब रंग समेटे है, ये बेमौसम बारिश खुद में
अमीर पकोड़े खाने की सोच रहा है और किसान जहर
~ विशाल
The post बेमौसम बारिश का दर्द appeared first on Shayari.
कितने अजब रंग समेटे है, ये बेमौसम बारिश खुद में
अमीर पकोड़े खाने की सोच रहा है और किसान जहर
~ विशाल
The post बेमौसम बारिश का दर्द appeared first on Shayari.
No comments:
Post a Comment