ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने गिनाई सरकारी सिस्टम की खामियां
लखनऊ। जाम की वजह से तेल की बर्बादी होती है। जाम न हो और निर्बाध गति से ट्रकों का पहिया घूमता रहे तो आॅपरेटरों को फायदा होगा। यदि ऐसा हो तो माल परिवहन पर लागत कम आयेगी और दिनोंदिन बढ़ती महंगाई पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। ये बातें द ट्रक आॅपरेटर एंड ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन उप्र (टोटा) के प्रदेश अध्यक्ष अरूण अवस्थी ने कही। शनिवार को राजधानी में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि टोल टैक्स पर ट्रक चालकों व परिचालकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय से लेकर समुचित पेयजल व विश्रामालय तक की व्यवस्था नहीं है। रिंग रोड कनेक्टिविटी का भी काफी सारा काम ठप पड़ा हुआ है, ऐसे में राष्ट्रीय मार्गों पर वाहनों का लोड बढ़ने के चलते माल लदे वाहन कई घंटे लगातार जाम आदि में फंस रहते हैं। उनका यह भी कहना रहा कि ट्रक आॅपरेटरों के लिए परेशानी यही पर नहीं रुकी बल्कि कभी टैÑफिक तो कभी पुलिस की टीमें मौका पाते ही ट्रकों का चालान करके गाड़ियों में जहां-तहां बेतरतीब ढंग से खड़ी करा देती हैं। इन गाड़ियों पर माल लोड होता है जिसकी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के भी कोई सरकारी इंतजाम नहीं रहते। प्रदेश महामंत्री राजेश तिवारी व संगठन मंत्री आसिफ अली खान ने कहा कि लखनऊ में वर्तमान ट्रांसपोर्टनगर तीन दशक पुराना है जिसे पुराने आउटर रिंग रोड पर शिफ्ट करने की मांग को लेकर लगातार आॅपरेटर आवाज उठाते रहें। आॅपरेटरों के अनुसार एलडीए के चीफ इंजीनियर ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है, लेकिन जमीनी तौर पर इसको लेकर कोई काम नहीं दिख रहा। टोटा पदाधिकारियों ने कहा कि उपर्युक्त मांगों को लेकर
परिवहन मंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक को लिखित रूप से पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही यह भी कहा कि कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय जायसवाल, अरविंद मिश्रा, महावीर गुप्ता, दिलीप शर्मा व दिलशाद सहित अन्य ट्रांसपोर्टर मौजूद रहें।

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