
नौतनवा ,महराजगंज 6 मई । पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जम कर शब्दबाण चलाए। कहा कि चाय वाला बन कर आए थे, अब चौकीदार बन गए हैं। बनारस में सेना के एक जवान के आगे सरकार ने घुटने टेक दिए। वह प्रधानमंत्री नहीं प्रचार मंत्री हैं। 2014 के चुनाव में भाजपा ने जो वादा जनता से किया था, एक भी वादा पूरा नहीं हो सका है। जनता देश में नई सरकार चाहती है, पुराने प्रधानमंत्री फेल हो गए हैं। भाजपा के शासन काल में आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री आतंकवाद की चर्चा तो करते हैं, लेकिन देश के किसानों और नौजवानों की बदहाल स्थिति के बारे में नहीं बोलते। नोटबंदी के चलते देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है। नोटबंदी व जीएसटी से छोटे व्यापारी परेशान हैं, वही बड़े व्यापरियों की झोली भर रही है। देश में 36 हजार से अधिक उद्योगपति देश छोड़ कर चले गए। अखिलेश यादव आज सोमवार को महराजगंज जिले के नौतनवा के राम मनोहर लोहिया पीजी कालेज में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की नहीं पूंजीपतियों की चिंता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि यदि संविधान नहीं होता तो वह मठ में बैठ कर घटा बजा रहे होते। बीजेपी से आमजन ही नहीं जानवर भी परेशान हैं। अपने को अनुशासित पार्टी कहने वाली भाजपा के सासद व विधायक आपस में जूता चलाते हैं। देश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। समाजवादी सरकार ने जनहित में बहुत से कार्य किए हैं।
डायल- 100, लैपटाप, कन्या विद्याधन, समाजवादी पेंशन योजना की याद दिलाते हुए लोगों से समर्थन मागा। पूर्व मुख्यमंत्री ने काग्रेस को भी निशाने पर लिया। कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी देश पिछड़ा है। इस पिछड़ेपन के लिए काग्रेस भी जिम्मेदार है। गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन दिलों का हुआ है।

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